उझानी: मज़ार की वाउन्ड्री पर विशालकाय पेड़ गिरा। (अंजार अहमद की रिपोर्ट)

बदायूँ/उझानी।  कहते हैं कि महात्मा,मुनि ,पीर पैगम्बर का जिस जगह वास ( बसेरा ) होता है वहाँ परिंदा भी पर नहीं मार सकता ! जी हां ऐसा ही एक अजूबा बदायूं के क़स्बा उझानी में उस समय देखने को मिला जहां एक मज़ार से सटा पीपल का एक विशालकाय पेड़ आज जड़ से उखड़ गया लेकिन मज़ार पर एक खरोंच तक न आई !

उझानी के देवनागरी इंटर कालेज के पीछे कोठी वाले सय्यद बावा का मज़ार है जहां हर गुरुवार को स्थानीय लोगों के अलावा दूर दराज से आये लोग मन्नत मांगते हैं और चादर पोशी करते हैं !
बताते हैं कि इस प्राचीन मज़ार पर जो भी आता है उसकी मन्नत पूरी होती है !
मज़ार से ही सटा पीपल का एक विशालकाय पेड़ है जो आज अचानक जड़ से उखड़ गया मगर मज़ार पर खरोंच तक न आई ! इस अजूबे को देख लोग दंग रह गए यह करिश्माई मंज़र देखने के लिए लोगों का तांता लगना शुरू हो गया ! हांलांकि वहां लगा खड़ंजा पूरी तरह धराशाई हो गया और किसी जन हानि की कोई सूचना नहीं है ।

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