एडीओ आईएसबी ने घोटालेबाजों का किया समर्थन

बदायूँ/उत्तर प्रदेश
भसुन्दरा/उसावां : बताते चलें कि अपने-अपने स्वयं सहायता समूह में घोटाले का खुलासा करने की पहल महिलाओं ने की थी उन्ही महिलाओं की दो बार ब्लॉक स्तरीय एवं जिला स्तरीय अधिकारियों ने आकर भसुंदरा पंचायत भवन में जांच करने की कोशिश की लेकिन रोशनी महिला एवं रहमान महिला समूह में हुए घोटाले में संलिप्त समूह सखी ने अपनी मां और बहन को पदाधिकारी बना कर समूह से अन्य आठ सदस्यों के फर्जी अंगूठे लगाकर पैसा निकाल लिया गया है। जिसकी शिकायत महिलाओं ने की थी। उसी जांच में पदाधिकारियों ने अपने आपको फंसते देख जांच को हल्ला गुल्ला करके नहीं होने दिया गया।

आज बुधवार को फिर ब्लाक उसावां से आय एडीओ आईएसबी वीरपाल सिंह, सचिव हरिओम सिंह, ब्लाक मिशन प्रबंधक विजय कुमार, प्रभाकर एवं धर्मेंद्र पाल ने करीब 11:00 बजे पंचायत भवन भसुंदरा में पहुंचकर तीसरी बार फिर पुनः जांच शुरु की। बतादें कि जांच शुरू करने से पूर्व जांचधिकारियों ने रोशनी महिला एवं रहमान महिला समूह के दस्तावेज समूह सखी एवं समूह के पदाधिकारियों (समूह सखी की सगी मां एवं वहन) से मांगे तो उन्होंने कहा के हम दोनों समूह का कोई दस्तावेज प्राप्त नहीं कराएंगे। उन्होने केवल समूह की बैंक पास बुक दी। बैंक पास बुक के आधार पर आगे की कार्यवाही शुरू की, जिसमें लाखों रू० बिना समूह की महिलोंओं की सहमति द्वारा निकाल कर पैसा गवन करने की पुष्टि हुई।

 

घोटाले की पुष्टि होते देख रोशनी महिला समूह की अन्य महिलाओं ने घोटाले का विरोध कर कहा कि हमारे समूह से जो पैसा निकाला गया है वह हमारी बिना सहमति के कैसे निकाल लिया गया किन्तु एडीओ आईएसबी ने महिलाओं को गुमराह करते हुए मामले को दूसरी तरफ मोड़ दिया। महिलाओं ने एडीओ आईएसबी पर आरोप लगाते हुए कहा कि एडीओ साहब ने हमें गुमराह कर हमारे कागजों पर हमारी बिना मर्जी के अंगूठे लगवा लिए हैं। और हमने अपनी जो समस्याएं उनके सामने रखीं, हमारी उन समस्याओं को बिल्कुल नहीं सुना गया केवल समूह सखी एवं रोशनी महिला समूह के पदाधिकारियों को घोटाले से बचाने की कोशिश की गई थी जिस से हम लोग सहमत नहीं हैं।

मजे की बात तो यह रही कि एडीओ आईएसबी ने महिलाओं को गुमराह करते हुए उनसे कहा कि समूह में कोई घोटाला नहीं हुआ है जब के उस समूह की महिलाओं के अनुसार, समूह की आठों महिलाओं की बिना सहमति से लाखों का धन निकाला जा चुका है।

महिलाओं ने यह कहा कि हम लोग ब्लॉक स्तरीय जांच से बिल्कुल सहमत नहीं है हम उच्य अधिकारियों से जांच कराकर अपने समूह में हुए घोटाले का पर्दाफाश कराना चाहते हैं और जो पैसा समूह सखी एवं उसकी मां और बहन ने निकाल कर गबन किया है उस पैसे को हम सभी बहनों में बराबर बराबर वितरण कराना चाहते हैं। यह बात जब हमने रखी तो इसी को लेकर समूह सखी के घर वाले और एक अन्य अमन महिला समूह के घरवाले हम कई महिलाओं पर अभद्र भाषा का प्रयोग करने लगे और क्रोधित होकर लात घूँसों से मारने लगे जिसकी शिकायत हम कई बहनों ने थाना अध्यक्ष महोदय उसहैत की है।

आगे देखना यह होगा क्या घोटाले बाजों पर नकेल कसी जाएगी या नहीं या इसी तरह से घोटालेबाज हर जांच को बलवा करके विफल करते रहेंगे। क्या समूह की गरीब महिलाओं को उनके साथ हुई धोखाधड़ी करने वालों के विरुद्ध कार्यवाही होगी या नहीं क्या उन्हें अपने समूह में प्राप्त हुए धन का हक मिल पाएगा या नहीं यह तो आने वाला समय ही बताएगा। पंचायत भवन में कई समूहों की पदाधिकारी एवं सदस्य मौजूद थे जिनमें अफसरी, मुन्नी, अनवरी, फरजाना, परवीन, रूखशाना, राबिया, फूल जहां, शमा परवीन, गुलिस्ता और तबस्सुम सहित भारी संख्या में महिलाएं मौके पर मौजूद थीं।

प्रकरण के संबंध में जानकारी लेने के लिए एडीओ आईएसबी वीरपाल सिंह से फोन द्वारा संपर्क किया तो दोनों बार घंटी बजती रही, लेकिन एडीओ आईएसबी वीरपाल सिंह ने फोन उठाने की जहमत नहीं की। संलग्न चित्र में आप बखूबी देख सकते हैं एडीओ आईएसबी वीरपाल सिंह को दो बार फोन किया गया है।

चीफ रिपोर्टर मुकेश मिश्रा