कोरिया: छत्तीसगढ़ में राजनीति के योद्धा कहे जाने वाले कोरिया कुमार स्व रामचंद्रदेव सिंह का स्वर्णिम युग समाप्त हो गया। (वेदप्रकाश तिवारी की रिपोर्ट)

कोरिया:  छत्तीसगढ़ में राजनीति के योद्धा कहे जाने वाले कोरिया कुमार स्व रामचंद्रदेव सिंह का स्वर्णिम युग समाप्त हो गया। शनिवार को उनकी भतीजी श्रीमती अम्बिका सिंहदेव ने मुखाग्नि दी। इसी के साथ ही देव का शरीर पंचतत्व में विलीन हो गया उन्हें अंतिम विदाई देने के लिए हजारों की संख्या में लोगों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी थी एक तरफ जहां लोगों के नयन बरस रहे थे वही आसमां भी अपने आप को नहीं रोक पाया ।

कोरिया महल में अंतिम दर्शन के लिए भारी भीड़ जमा हुई थी। इसके पहले उन्हें अंतिम विदाई देने के लिए पूर्व केंद्रीय मंत्री डॉक्टर चरणदास महंत, छत्तीसगढ़ शासन के खेल एवं श्रम मंत्री भैयालाल राजवाड़े, गृहमंत्री रामसेवक पैकरा ,संसदीय सचिव श्रीमती चंपा देवी पावले, मनेंद्रगढ़ विधायक श्याम बिहारी जायसवाल ,कटघोरा विधायक जयसिंह अग्रवाल ,लुंड्रा विधायक चिंतामणि महाराज, सीतापुर विधायक अमरजीत भगत, भटगांव विधायक पारस राजवाडे, सूरजपुर विधायक खेलसाय सिंह, रामपुर विधायक श्री कंवर, सरगुजा कमिश्नर अविनाश चंपावत, जिले के कलेक्टर नरेंद्र दुग्गा सहित कोरिया सरगुजा एवं अन्य जिलों के दिग्गज कांग्रेसियों सहित हजारों की संख्या में जनसमुदाय उपस्थित रहा।

कोरिया महाराज के अंतिम दर्शन के लिए लोग क्रमबद्ध आते रहे। पुष्प अर्पण कर आँसू बहाते रहे इसके बाद पुष्प सज्जा वाहन में कोरिया कुमार के पार्थिव शरीर को जब तक सूरज चांद रहेगा तब तक कोरिया कुमार का नाम रहेगा व राजा नहीं फकीर है कोरिया की तकदीर है जैसे नारों के साथ उन्हें पहली परिसर में ही बने स्मारक पर अंतिम संस्कार के लिए ले गया जहां पूरे राजकीय सम्मान के साथ गार्ड ऑफ ऑनर देते हुए उनका अंतिम संस्कार किया गया ।उनके पार्थिव शरीर को तिरंगे झंडे में लपेटा गया था ।

उनकी भतीजी श्रीमती अंबिका सिंह देव ने उन्हें मुखाग्नि दी चंदन की लकड़ियों में स्व. रामचंद्र सिंहदेव का शरीर पंचतत्व में विलीन हो गया।सभी ने नम आंखों से कोरिया कुमार को अंतिम विदाई दी। यहां कोरिया महल का राजनीति में बड़ा कद था। स्वच्छ और ईमानदार राजनीति के लिए कोरिया कुमार को इतिहास सदैव याद रखेगा।

एक ऐसा समय आया जब स्वयं कोरिया कुमार ने चुनाव लड़ने से यह कहकर मना कर दिए थे कि अब राजनीति हमारे लायक नही रही। फिर भी लोगों की निगाह उन पर बनी रहती थी।कोरिया रियासत के साथ राजनीतिक उत्तराधिकारी कौन होगा? हालांकि सभी की निगाहें अब श्रीमती अम्बिका सिंहदेव की तरफ है। यहां तक कि मुखाग्नि भी उन्होंने ही दिया है, इससे सभी यह आशा लगा रहे हैं कि वो राजनितिक विरासत को भी सम्हाल सकती हैं। उनके साथ लोगों की भावनाएं भी जुड़ चुकी हैं

इस दौरान उनके परिवार के महाराजा भूपेंद्र प्रताप सिंहदेव, संजय सिंह, लालविजय प्रताप सिंह, अन्नतपाल पाल सिंह, दीपेंद्र सिंह, राजमाता श्रीमती ब्रजराज कुमारी सिंहदेव, श्रीमती ज्योतिसना कुमारी सिंहदेव सहित अनेक लोग उपस्थित रहे।

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