गंगा फिर उफान पर, खतरे के निशान से ऊपर पहुंची

कई दिन शांत रहने के बाद गंगा का जलस्तर मंगलवार को फिर खतरे के निशान से ऊपर पहुंच गया। मंगलवार को गंगा का जलस्तर मीटरगेज पर खतरे के निशान से करीब 33 सेमी ऊपर रहा।

बदायूँ/उत्तर प्रदेश
बदायूँ : कई दिन शांत रहने के बाद गंगा का जलस्तर मंगलवार को फिर खतरे के निशान से ऊपर पहुंच गया। मंगलवार को कछला में मीटर गेज पर गंगा का जलस्तर 162.33 दर्ज किया गया। यह खतरे के निशान से 33 सेमी ऊपर है। मीटर गेज पर खतरे का निशान 162 और चेतावनी का निशान 161 मीटर पर है।

सितंबर के पहले सप्ताह में गंगा के जलस्तर में कमी आई थी, लेकिन 15 सितंबर के बाद जलस्तर में फिर से इजाफा होने लगा। 17 सितंबर को जलस्तर चेतावनी के निशान से 10 सेमी ऊपर पहुंच गया। 18 सितंबर को जलस्तर मीटर गेज पर 162.75 मीटर दर्ज किया गया तो रविवार को जलस्तर ने खतरे के निशान को पार कर दिया।

सोमवार को गंगा में नरौरा से 63653, बिजनौर से 47055 और हरिद्वार से 63501 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। जलस्तर बढ़ने के बाद सहसवान के गांव वीर सहाय नगला, बसौलिया, तौफी नगला, परशुराम नगला, खागी नगला और दातागंज तहसील के तटवर्ती गांव अहमदनगर बछौरा, असमया रफतपुर, जटा, रैपुरा, कमलैयापुर में खतरा बढ़ गया है तो उसहैत, उसावां और गंगा-महावा बांध पर दबाव बढ़ने से यहां भी हालात संवेदनशील हो गए हैं। बाढ़ खंड ने निगरानी बढ़ा दी है।

तटवर्ती करीब 20 गांवों में फिर बढ़ा खतरा
जलस्तर बढ़ने के बाद उसहैत और सहसवान के तटवर्ती गांवों पर फिर से खतरा मंडराने लगा है। दरअसल, करीब एकg सप्ताह से मौसम में बदलाव आने के बाद पहाड़ी और मैदानी इलाकों में बारिश हो रही है। ऐसे में गंगा में नरौरा, बिजनौर और हरिद्वार बैराज से ज्यादा पानी छोड़ा जा रहा है। हरिद्वार से मंगलवार को छोड़ा गया 63 हजार क्यूसेक से ज्यादा पानी चौबीस घंटे में कछला पहुंच जाएगा। ऐसे में फिलहाल गंगा का जलस्तर खतरे के निशान से नीचे आता नहीं दिख रहा।

पहाड़ी और मैदानी इलाकों में बारिश के कारण गंगा में ज्यादा पानी छोड़ा जा रहा है। मंगलवार को गंगा का जलस्तर मीटरगेज पर खतरे के निशान से करीब 33 सेमी ऊपर रहा। उसहैत, उसावां और गंगा-महावा तटबंधों पर हालात फिर से संवेदनशील होने लगे हैं। टीमों को सतर्क कर दिया गया है। – नेशपाल सिंह, सहायक अभियंता बाढ़ खंड

चीफ रिपोर्टर मुकेश मिश्रा