जरीफनगर: उप स्वास्थ्य केंद्र जरीफनगर पर तैनात डॉक्टर ने डिलीवरी से पूर्व गर्वबती महिला के परिजनों से 1500 रूपये  लिये । (सोमवाीरसिहॅयादव की रिपोर्ट)

बदायूँ/जरीफनगर:  योगी सरकार के बड़े बड़े दावे फेल होते नजर  आ रहे है । कही अस्पतालों में रिश्वत खोरी तो कही एम्बुलेंस की दिक्कत, यहीं देख लीजिए कि जरीफनगर उप स्वास्थ्य केंद्र की लगातार रिश्वतखोरी की खवरें आ रहीं हैं और इसकी भनक आलाधिकारियों को भी है जो कि अनेकों शिकायत पंहुचने के वावजूद भी आज तक उस डाक्टरनी पर कोई भी कार्यवाही करना मुनासिब नही समझा है जवकि आज कि घटना को ही देख लीजिए कि थाना जरीफनगर क्षेत्र के गांव असलौर निवासी रबेन्द्र अपनी गर्भवती पत्नी मीरा को लेकर जरीफनगर के स्वास्थ्य उपकेन्द्र पर दिन मंगलवार को प्रातः 8 वजे पहुंच गया उसकी पत्नी की पहली डिलीवरी होने को थी, रबेन्द्र ने बताया कि जव वह वहां पर तैनात डॉक्टर ज्योति ने देखकर वताया कि ऱात तक वच्चा पैदा होगा और इसके लिए देशी दवाई लानी पडेगी और 1500 रूपये उससे ले लिए , तथा रात को डाक्टर ने बताया कि पुत्री का जन्म हुआ है वह तत्काल मर गयी रबेन्द्र ने बताया कि फिर डाक्टरनी कहने लगी कि अव इसको अपने घर ले जाओ और एेम्वुलैन्स तक की व्यवस्था नहीं करने दी वताते हैं कि जव उन्हें पता चला कि यहां कोई भी रूपया नहीं जाता है उन्हें ठगा गया है तो इस वात पर हंगामा काटना शुरू कर दिया वात मीडिया तक पहुंची तो वहां मीडिया को अपना दर्द वयां किया उसके वाद एक आटो में डाल कर पीडित महिला को अपने घर ले गए, वताते हैं कि मीडिया तक वात पहुंचने पर वह डाक्टरनी पीडिता के गांव घर पहुंच गयी और अपनी कार्यशैली छुपाने को 1500 रूपये वापस कर अपनी गलती की मांफी मांग ली तथा ऱूपये के सम्बन्ध में किसी को न वताने को हाथ जोड कर उनको मना लिया

यह इस स्वास्थ्य उपकेन्द्र जरीफनगर की पहली घटना नहीं है यहां आज तक जितने भी गर्भवती महिलाएं आयी है उनके परिजनों से हमेशा रूपये लेकर ही गर्भवती महिलाओं की डिलीवरी हुई है लेकिन यहां के उच्चाधिकारियों के कान से जुंह तक नहीं रेंगती हैं जिस कारण यहां स्वास्थ्य उपकेन्द्र पर आज तक कोई कार्यवाही नहीं हुयी है  ।

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