दातागंज: जिलाधिकारी के आदेश के बाद भी मुख्य चिकित्सा अधिकारी नहीं कर रहे कोई कार्यवाही। (राजेन्द्र कुमार की रिपोर्ट)

बदायूँ के जन सेवा अस्पताल द्वारा फर्जी ऑपरेशन के प्रकरण में मुख्य चिकित्सा अधिकारी द्वारा 6 माह से जांच के नाम पर टालमटोल होती रही।तथा परिजन लगातार जिलाधिकारी को प्रार्थना पत्र देते रहे और हर प्रार्थना पत्र पर जिलाधिकारी ने जांच का आदेश भी दिया।

लेकिन अभी तक कोई वैधानिक कार्यवाही न हो सकी।जब सरोजनी के परिजन जिलाधिकारी के आदेश को लेकर सीधे मुख्य चिकित्सा अधिकारी से मिले तो उन्होंने जिलाधिकारी के आदेशों की धज्जियां उड़ाते हुए कार्यवाही करने से मना कर दिया। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. आशाराम से बात करने पर उन्होंने बताया कि मेरा प्राइवेट अस्पतालों से कोई लेना देना नहीं है।जब उनसे पूंछा गया कि जिलाधिकारी अपर निदेशक तथा महानिदेशक ने आपको आदेश क्यों किया? तो उन्होंने ने कहा कि हम उनको खुद जबाब देंगे।तथा 6 माह से इस जांच को अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. प्रमोद कर रहे हैं कई बार मेड़ीकल भी करा लिया।कई जांचे करा ली ।लेकिन अभी तक कोई कार्यवाही नहीं की। जब सरोजनी के परिजनों ने मुख्यमंत्री से मिलकर अपनी व्यथा सुनाने की बात कही तो अपर और मुख्य चिकित्सा अधिकारी दोनों ने अपना वचाव करते हुए आख्या प्रस्तुत की-कि जांच में प्रथम दृष्टया सत्यता प्रतीत हो रही है इसलिए अस्पताल को अस्थायी रूप से बन्द करने के आदेश दिये जाते हैं लेकिन आज भी जन सेवा अस्पताल धड़ल्ले से खोला जा रहा है और मरीजों को लूटा जा रहा है यहाँ हर गैर कानूनी काम होता है।बतादें की सरोजनी निवासी कासूनगला का जन सेवा अस्पताल में प्रसव के समय फ़र्जी ऑपरेशन शो करके बड़े ऑपरेशन के नाम पर 57130 रु ठग लिये थे। जबकि जन सेवा अस्पताल की मालिक anm कुसुमलता हैं औऱ गैर कानूनी तरीके से अस्पताल चलाती हैं। परिजनों ने मुख्यमंत्री से शिकायत कर न्याय की मांग की है।

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