पेयजल पर रुपये खर्च अच्छे खासे-फिर भी ग्रामीण प्यासे, जिम्मेदार नहीं उठाते फोन-फिर परेशानी दूर करेगा कौन

म्याऊं/बदायूं। पूरा मामला विकासखंड की ग्राम पंचायत लभारी का है। जहां पर मेन मार्केट बाजार में गंदगी का अम्बार लगा हुआ है। कूड़ा इतना ज्यादा हो गया है कि दुकानदारों को ठेला लगाने में बहुत दिक्कतें होती हैं।

     भीषण गंदगी का शिकार है लभारी का बाजार।

बता दें कि दुकानदार खुद ही सफाई करते हैं और फिर ठेला लगाते हैं क्योंकि बाजार में सफाई के नाम पर वसूली तो की जा रही है लेकिन सफाई पर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। जिस कारण बाजार में आए हुए दुकानदारों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

           जनता खुद सफाई करने पर मजबूर।

वहीं बाजार में नलों के कराये गये रीवोर भी सफेद हाथी नज़र आ रहे हैं। बाजार में पानी की व्यवस्था पूर्णतः विफल है। ग्राम वासियों ने बताया कि दो महीने पूर्व हुए रिबोर बोरिंग फेल हो गए हैं। ग्रामवासियों ने कई बार ग्राम प्रधान से शिकायत की परंतु नतीजा जीरो बटा सन्नाटा ही रहा।

    बाजार में खराब खड़ा नल।

ग्राम वासियों ने यह भी बताया कि उनकी कोई सुनवाई नहीं की जा रही है और ना ही कूड़ा कचरा फेंका गया है ग्रामीण पूरी तरह से परेशान हैं।

ग्रामीणों का आरोप है कि भले ही योगी सरकार स्वच्छ प्रदेश बनाने की मंशा से काम करा रही हो लेकिन लभारी के ग्राम प्रधान तथा सचिव मिलकर पूरी तरह से उनके आदेशों की धज्जियां उड़ा रहे हैं। आखिर यह जिम्मेदार मौन क्यों हैं, कहीं इसका इशारा दूसरी तरफ तो नहीं जाता खैर देखते हैं की खबर प्रकाशित होने के बाद अधिकारी क्या संज्ञान लेते हैं।

              सचिवालय ग्राम पंचायत लभारी।

वही ग्राम पंचायत लाभारी के ग्राम प्रधान से दूरभाष द्वारा संपर्क साधने पर पता चला कि प्रधान जी का फोन तो रिसीव किया गया किन्तु वह भी स्पष्ट जवाब नहीं दे सके कहा प्रधान जी के आने पर बात करा देंगे, मामले को टालमटोल करके उन्होंने भी फोन डिस्कनेक्ट कर दिया

सबसे ज्यादा मजे की बात तो यह रही कि जनता अपनी इस परेशानी की शिकायत करना चाहे तो किस से करे जिम्मेदार मौन रहते हैं। उधर हमारे संवाददाता के अनुसार खबर की सत्यता जानने के लिए जिम्मेदार अधिकारियों से दूरभाष द्वारा संपर्क साधने पर पता चला कि ब्लॉक स्तरीय जिम्मेदारों के फोन की घंटी ट्रिन ट्रिन बजती रही मगर जिम्मेदारों ने फोन उठाने की आवश्यकता नहीं समझी।

ब्लॉक स्तरीय अधिकारियों से दूरभाष द्वारा साधा गया                                      संपर्क।

अब देखना यह होगा कि खबर चलने के बाद आलाधिकारी इस खबर पर क्या संज्ञान लेते हैं क्या ग्रामीणों को उस गंदगी से निजात मिल पाएगी, क्या बाजार में आने जाने वाले लोगों को अपनी प्यास बुझाने के लिए पर्याप्त पानी उपलब्ध कराया जाएगा या नहीं, यह तो आने वाला समय ही बताएगा।

समाचार। असद अहमद बदायूं उत्तर प्रदेश।