बदायूँ: अब दांत निकलते वक्त बच्चों को नहीं होगी तकलीफ:- डॉ अमोल गुप्ता

सहसवान: नवजात शिशुओं को दांत निकलने के वक्त होने वाली तकलीफों का सामना नहीं करना पड़ेगा। केन्द्रीय आयुष मंत्रालय ने शिशुओं की इस पीड़ा को कम करने के लिए होम्योपैथी अनुसंधान परिषद को छह माह से तीन वर्ष के प्रत्येक बच्चे को विशेष होम्योपैथी दवा का डोज देने का जिम्मा सौंपा है। पायलट प्रोजेक्ट के तहत यह योजना दिल्ली यूपी समेत देश के पांच राज्यों में शुरू की गई है। आगे इसे पूरे देश में लागू किया जाएगा।
प्रधानमंत्री के स्वस्थ भारत के सपने को साकार करने की दिशा में इस कदम को काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। केन्द्रीय होम्योपैथी अनुसंधान परिषद के तहत आने वाले अन्य होम्योपैथी केन्द्रों का भी इस अभियान में सहारा लिया जा रहा है। छह माह से तीन वर्ष तक की आयु वाले बच्चों को होम्योपैथी की यह विशेष खुराक देने के लिए देश भर में सैकड़ों एएनएम व आशाओं को प्रशिक्षित किया गया है। प्रत्येक संस्थान के एक वरिष्ठ वैज्ञानिक इसके लिए बनाई गई टीमों की निगरानी कर रहे हैं। नगर एवं देहात क्षेत्रो में आशा, एएनएम व डॉक्टर के माध्यम से चिह्नित किए गए गांवों में घर-घर जाकर शिशुओं को यह डोज उपलब्ध कराई जा रही है।

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