बदायूँ: बाढ़ पीड़ितों को हर हाल में मिलें सभी जरूरी सुविधाएं

बदायूँः 01 सितम्बर। बाढ़ पीड़ित जटा के लोगों को खेडा गांव मे प्रत्येक परिवार को 150 गज में पक्का मकान बनवाकर बसाया जाए। बाढ़ से प्रभावित जितने गांवों में बाढ़ आई हुई है उन सभी गांवों की हर प्रकार से मदद होनी चाहिए। बाढ़ से पीडित़ लोगों को किसी प्रकार की कोई परेशानी नहीं होनी चाहिए। उन्होंने बाढ़ से प्रभावित लोगों से वार्ता कर उनका हाल जाना।
शनिवार को उत्तर प्रदेश के सिंचाई एवं सिंचाई यांत्रिक विभाग के कैबिनेट मंत्री धर्मपाल सिंह ने दातागंज विधायक राजीव कुमार सिंह, शेखूपुर विधायक धमेन्द्र शाक्य, जिलाध्याक्ष हरीश शाक्य, जिलाधिकारी दिनेश कुमार सिंह, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अशोक कुमार, अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व महेन्द्र सिंह, उप जिलाधिकारी दातागंज दिनेश कुमार सिंह तथा अन्य जनप्रतिनिधियों के साथ तहसील दातागंज के अन्तर्गत बाढ़ प्रभावित गांव जटा में नाव से जाकर स्थिति का जायजा लिया एवं बाढ़ पीड़ितों से मिलकर उनका हाल चाल जाना और उन्हें राहत सामग्री तत्काल उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
बाढ़ पीड़ितों का दर्द जानने पहुंचे कैंबिनेट मंत्री ने पूर्व माध्यमिक विद्यालय कटरा सआदतगंज में बाढ़ पीड़ितों की समस्याएं सुनीं। उन्होने अधिकारियों को निर्देश दिए कि बाढ़ पीड़ितों की समस्याओं को प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण करें। उन्होने बाढ़ पीड़ितों से सीधे राहत सामग्रियों के बारे में एक-एक करके जानकारी ली। स्वास्थ्य सेवाओं के लिए चैबीस घन्टे डाक्टरों की तैनाती सुनिश्चित करें, जिसमें पशु चिकित्सक भी राहत चैकियों पर सभी आवश्यक दवाओं जैसे सर्पदंश, एन्टी रैबीज इन्जेक्शन तथा संक्रामक रोगों से बचाने वाली सभी दवाइयों की उपलब्धता हर हाल में सुनिश्चित कराई जाए।
तत्पश्चात कलेक्ट्रेट सभागार में कैबिनेट मंत्री ने बाढ़ खण्ड अभियन्ता को निर्देश दिए कि अहमदनगर बछौरा, कामरून नगला एवं जटा यह गांव बाढ़ से ज्यादा प्रभावित हैं। गोताखोर, नांव एवं पीएसी लोगों की सुरक्षा के लिए तैनात रहे। इनपर विशेष ध्यान देकर समस्त व्यवस्था तुरन्त उपलब्ध कराएं, किसी प्रकार की हानि नहीं होना चाहिए। बाढ़ की समस्याओं को तत्काल प्रभाव से दुरुस्त किया जाए। मुख्य चिकित्सा अधिकारी आसाराम बिना बताए अवकाश पर जाने पर मंत्री ने डीएम को कार्यवाही करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि बाढ़ के समय में किसी अधिकारी को अवकाश न दिया जाए। बाढ़ के बाद संक्रामक रोग फैलते हैं इनसे बचाव के लिए समस्त प्रकार की दवाएं उपलब्ध रहें। समस्त बाढ़ चौकियों पर बचाव, राहत के लिए स्टाफ, दवाएं, गोताखोर उपलब्ध रहें। उन्होंने डीएसओ को निर्देश दिए कि फूड पैकेट समय से उपलब्ध कराएं। उन्होंने डीएम एवं एसएसपी को निर्देश दिए कि अगले माह अक्टूबर से भूमाफियाओं के खिलाफ महा अभियान चलाकर सिंचाई की ज़मीन को कब्जा मुक्त कराएं तथा उन्हें जेल भेजें।

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