बदायूँ: मां का पहला दूध नवजात शिशु के लिए अमृत।

बदायूँः  एक से सात अगस्त तक स्तनपान सप्ताह में गर्भवती महिलाओं को आशा आंगनवाड़ी घर-घर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में जाकर को जानकारी दें  कि एक घंटे के अंदर मां के दूध का स्तनपान कराया जाए। पुष्टाहार निर्धारित तिथियों 5,15, एवं 25 में आंगनबाड़ी सुनिश्चित करें कि कि प्रधानों या अन्य गणमान्य लोगों से वितरित कराएं। आशा आंगनबाड़ी कार्यकत्री कुपोषित बच्चों के खानपान पर विशेष ध्यान दिलाए तथा अति कुपोषित बच्चों को जिला अस्पताल के एनआरसी सेंटर में भर्ती कराएं।
जिलाधिकारी दिनेश कुमार सिंह की अध्यक्षता में राज्य पोषण मिशन के अंतर्गत जिला स्तरीय पोषण समिति की बैठक आयोजित की गई। उन्होंने सुपरवाइजरों को निर्देश दिए कि आशा आंगनबाड़ी कार्यकत्रियां सुनिश्चित करें कि जो एक अगस्त से 7 अगस्त तक स्तनपान सप्ताह चलेगा। एएनएम, सुपरवाइजर आशा आंगनवाड़ी घर घर तथा स्वास्थ्य केंद्रों में जाकर गर्भवती महिलाओं को बताएं कि नवजात शिशु पैदा होने के बाद 1 घंटे के अंदर स्तनपान अवश्य किया करें। मां का पहला गाढ़ा पीला दूध बच्चों के रोगों से लड़ने की क्षमता नौ गुना तक बढ़ा देता है। मां का पहला दूध नवजात शिशु के लिए अमृत होता है। बच्चों को सात वर्ष तक कोई बीमारी नहीं आती है। मां का पहला दूध पीने से बच्चा जीवन में कभी भी कुपोषित नहीं हो सकता है। उन्होंने आशा आंगनवाड़ी अन्य सभी को निर्देश दिए कि यह सुनिश्चित कराएं कि नवजात शिशुओं को मां का पहला गाढ़ा पीला दूध एक घंटे के अंदर स्तनपान अवश्य कराएं। महिलाओं को यह भी जानकारी दी जाएगी 6 महीने तक बच्चे को सिर्फ अपना ही दूध पिलाएं इसके अलावा कुछ भी न खिलाएं पिलाएं। बच्चे को कम से कम 2 वर्ष तक मां अपना दूध अवश्य पिलाएं जिससे बच्चा कभी अति कुपोषित नहीं होगा। महिलाओं को  जागरुक किया जाए कि दो बच्चों के बीच में तीन वर्ष का अंतर अवश्य रखें। डीएम ने पोषाहार वितरण में सुपरवाइजरों को निर्देश दिया कि कि आशा आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को सुनिश्चित कराएं कि प्रत्येक माह में 5, 15 एवं 25 तिथियों में पुष्टाहार गांव के प्रधान तथा अन्य गणमान्य लोगों की हाथों से गर्भवती महिलाओं को वितरित कराएं। उन्होंने कहा कि कोई भी आशा आंगनबाड़ी कार्यकत्री अपने हाथों से पुष्टाहार नहीं बांटेगी। 5 अगस्त को पोषाहार वितरण में महाअभियान के रूप में चलाकर महिलाओं को जागरुक किया जाए। गांव के लाल श्रेणी वाले अति कुपोषित कुपोषित बच्चों को जिला अस्पताल के एनआरसी सेंटर में भर्ती कराएं जिससे वह लाल श्रेणी से बाहर आ सके। स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत जिलाधिकारी ने समस्त सुपरवाइजरों को निर्देश दिए कि 29 जुलाई को श्रमदान के महाभियान में शामिल होकर गांवों को साफ-सुथरा एवं सुंदर करवाएं। इस अवसर पर जिला कार्यक्रम अधिकारी भोलानाथ गंगवार, एसीएमओ डॉ रंजीत सिंह सहित अन्य अधिकारी एवं सुपरवाइजर मौजूद रहे।

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