बदायूँ: युवा मंच संगठन ने बरेली जा कर सयुक्त सहायक शिक्षा निदेशक को सौंपा ज्ञापन की रणनीति जुड़े सक्रीय शिक्षकों की शिकायत ।

बदायूँ: 

युवा मंच संगठन ने बरेली जा कर श्रीमान सयुक्त सहायक शिक्षा निदेशक महोदया को सौंपा ज्ञापन की रणनीति जुड़े सक्रीय शिक्षकों की शिकायत ।
आज दिनाँक युवा मंच संगठन के जिलाध्यक्ष पुष्पेंद्र मिश्रा एव मण्डल प्रभारी सय्यद फरहान अली के नेतृत्व में सयुक्त शिक्षा निदेशक बरेली मण्डल बरेली का घेराव कर नारेबाजी कर ज्ञापन सौंपा गया ।
ज्ञापन देते हुये संगठन के संस्थापक ध्रुव देव गुप्ता मनु ने मण्डल शिक्षा निदेशक को महोदया को ज्ञापन के माध्यम के साथ साथ बताया कि बदायूँ डीआईओएस महोदय, बेसिक शिक्षा अधिकारी बदायूँ महोदय बदायूँ में जो शिक्षक सरकारी नौकरियों में है चाहें वे बेसिक में प्राइमरी में हो या माध्यमिक शिक्षा के अध्यापक हो वे राजनीति में सक्रिय भूमिका निभार रहे है और टीयूशनो को पड़ा कर रहे है , इन शिक्षकों की जॉच हो और देखा जाये कि शिक्षक सरकारी नौकरी में रहते अपने दायित्यों की पूर्ति ना करते हुये उन विषयों में लिप्त रहते है जो राजनीतिकरण का सम्पूर्ण हिस्सा है, विभिन्न राजनीतिक संगठनों के कार्यरत होकर गलत कार्यो का निर्वहन कर ये शिक्षक आय के स्रोतों का संचालित कर संगठनों को संचालित कर रहें है और टीयूशनो पड़ा कर सैकड़ो की संख्या में टीयूशनो को पड़ा रहें है । कोई कोई शिक्षक शिक्षा विभाग में शिक्षक भी है और अपने निजी विधायलों का भी संचालन कर रहें है  ऐसे शिक्षकों पर बदायूँ के शिक्षा विभाग को लगाम लगाने की ज़रूरत है जो समाजिक कार्य की आड़ में पूर्ण रूप से राजनीति का हिस्सा बनाकर विभिन्न संगठनों में पदों पर है या संगठनों का संचालन कर रहें है ऐसे शिक्षकों की जांच हो और इनपर लगाम कसी जावे । ज्ञापन का माध्यम इंग्लिश मीडियम निजी स्कूलों की मनमानी रहा, । निम्नलिखित रूप से ज्ञापन दिया और मांगे रखी गयी, जिसपर जेडी महिदया ने कहा कि जल्द बहुत बड़े स्तर पर कसर्वाही होने जा रही है और ज्ञापन के माध्यम से बदायूँ डीआईओएस और डीआईओएस बदायूं विभाग से रिपोर्ट मांगी जाएगी की क्या कार्यवाही करी और क्या करवाही होगी । मॉनको कि तहत बदायूँ शिक्षा विभाविभाग क्यों मौन है सभी को तलब कर समस्या का निराकरण किया जायेगा ।
इस मौक पर घेराव कर ज्ञापन देने वालो में संगठन के सुशील मौर्य, नितिन ठाकुर, सय्यद फरहान अली, दिलाओ जोशी, पुष्पेंद्र मिश्रा, सचिन यादव, विवान यदुवंशी, हामिद रसूल, कुशाग्र मौर्य, राजेश गौतम, अमित कुमार, दीपक शर्मा, विराज शर्मा, शिवम वार्ष्णेय, अभय राज गुप्ता, सिद्धार्थ पटेल, अकरम खान आदि दर्जनों की संख्या में रहे  ।
बदायूँ में इंग्लिश मीडियम, निजी प्राइवेट स्कूलों, एवं प्ले स्कूलों का शासन प्रशासन की गाईड लाइनों के ना माने जाने व कमीशनखोर बुकस्टोरों, ड्रेस माफियाओं, के सन्दर्भ में ।
युवा मंच संगठन ज्ञापन के माध्यम से आपको ज्ञात कराना चाहते है की जनपद बदायूँ में कई इंग्लिश मिडिमय, निजी प्राइवेट प्ले स्कूलों के द्वारा माननीय नरेंद्र दामोदरदास मोदी जी, प्रधानमंत्री  भारत सरकार, एवं माननीय योगी आदित्यनाथ जी, मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश सरकार की इंग्लिश मीडियम, प्राइवेट निजी स्कूलों को जारी की गई नवीन 2018 की गाईड लाईनों की लगातार अवमानना की जा रही है, ये स्कूल लगातार लंम्बे समय से बच्चों का शोषण करते आ रहे ।
महोदय निम्नलिखित बिंदुओं के माध्यम से विधायलों द्वारा भ्रष्टाचार किये जाना की स्पष्ट किया जा रहा है  :-
१- महोदय उपरोक्त स्कूलों के द्वारा जब चाहें तब मनमानी फीस में बडौतरी कर दी जाती है, मिनटेंश शुल्क, लेट फीस पेनाल्टी शुल्क, ऐ०सी० शुल्क, फेस्टिवल पर स्कूल में कार्यक्रमों के नाम पर अतिरिक्त पैसे उगाई की जाती है, हर व्यवस्था का निवारण के लिये पैसा पैदा करने का कोई अवसर नही छोड़ना चाहते है ये विद्यालय ।
२- महोदय स्कूल संचालकों के द्वारा शासन प्रशासन के द्वारा 25% सीटें गरीब विद्यार्थियों को आरक्षित की गई है परन्तु इन सीटों पर गरीब विद्यार्थियों के नाम पर पूंजीपतियों के बच्चों नाम से दाखिले लिये जा रहें है साथ ही जो गरीब विद्यार्थि की सरकार के द्वारा आरक्षित सीट पर सभी मानकों की पूर्ति के करने के बाद एडमिशन के लिये छात्र एवं अभिभावक इन स्कूलों में जाते है तो स्कूलों के मैनेजट के द्वारा निर्धारित फीस के अलावा सालाना इतना अधिक खर्चा लाखों रुपयों का सोंची समझी रणनीति के अनुसार बता दिया जाता है कि गरीबी रेखा का बच्चा एडमिशन ले ही नही पाता है ।
३- महोदय शासन प्रशासन के द्वारा एनसीआरटी की सभी पुस्तकें लागू करने के आदेश है लेकिन इंग्लिश मीडियम स्कूलो में नाम मात्र के लिये एक या दो पुस्तकें ही एनसीआरटी की है जबकि सारी किताबें एनसीआरटी की होनी चाहिये।
४- महोदय इन स्कूलों ने बुकसेलरो,ड्रेस विक्रेताओं से पुस्तकों,कॉपी,पेंसिल, से लेकर बैल्ट, टाई,मोजे,जूते नाम कमीशन फिक्स की हुई है ये सभी हर विद्यालय के फिक्ससिंग की जगह पर ही उपलब्ध होती है या विद्यालय स्वम् अपने मनमाने ढंग से मनमाने रेटों पर उपलब्ध कराते है, बुकसेलरओं, ड्रेस विक्रेताओं की पास अलग अलग विद्यालय से कमीशन फिक्स है ये सभी चीजें विद्यालयों के द्वारा निर्धारित जगह पर ही मिलेगी और कहीं पूरे शहर में नही मिलेती है ।
महोदय सरकार के दर्जनों मानकों को ये स्कूल ना मानकर अपनी मनमानी करना इनका पेशा बन गया है । इस तरह के विधालय भ्रष्टाचार, शोषण, एवं पैसा उगाई की बहुत बड़ी बड़ी फर्मे है बनी चुकी है, महोदय इन सभी विधायलों के मालिक बहुत बहुत बड़े पूंजीपति बनते जा रहें है । ऐसा प्रतीत होता है कि इन भ्रष्टाचारी पूंजीपतियों की सांठ गाँठ बदायूँ डी०आई०ओ०एस० महोदय, एवं बी०एस०ऐ महोदय बदायूँ से हो चूंकि यह भ्रष्टाचार खुले आम हो रहा लेकिन शिक्षा विभाग बदायूँ के किसी अधिकारी ने आज तक इस विषय पर कई शिकायतों के बाबजूद खानापूर्ति कर जांच को निष्पक्ष नही किया जाता  है ।
महोदय बरेली मण्डल शिक्षा विभाग के द्वारा इस विषय पर एक टीम बनाकर इस की गहनता से जांच हो और किन मानकों के तहत इन विद्यालयों की मान्यता हुई थी वह सार्वजनिक किये जावें साथ ही इन विधालयों के संचालकों और बुकसेलरो,ड्रेस बिक्रेताओं की “इनकम एवं सेलटैक्स की जाँच समन्धित विभाग से कराई जावे, और पारदर्शिता हेतू सीबीआई इंक्वायरी भी करवाई जावें, शिक्षा के मंदिर इन विधालयों को इन लोगो ने कलंकित किया है इसकी संगठन जल्द न्यायायल में रिट दायर करेगा और शिक्षा विभाग से संगठन निवेदन करता है की इन विधालयों पर शिक्षा के मंदिर को पैसा पैदा करने की फर्म जैसा बनाने पर न्यायालय में बाद दायर कर ऐसे स्कूलों को सीज किया जाना चाहिये ।

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