बदायूँ: शिक्षक बनकर अभिभावक को पढ़ाएं बच्चे : डीएम

बदायूँः  स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत जनपद को खुले से शौच मुक्त अभियान में पंचायत प्रतिनिधियों, जनसहभागिता एवं ग्राम स्तरीय कार्यकर्ताओं की सक्रिय भागीदारी हेतु जिलाधिकारी दिनेश कुमार सिंह ने विकासखंड जगत में कार्यक्रम का आयोजन किया।
उन्होंने सभी लोगों को हाथ उठाकर शपथ दिलाते हुए कहा कि जनपद को दो अक्टूबर तक खुले से शौच मुक्त करना है। जनपद को खुले में शौच से मुक्त कराना है और इससे होने वाली सभी बीमारियों को जड़ से मिटाना है। सभी लोग शौचालय बनाकर इज्जत की जिंदगी जिएं। उन्होंने कहा कि सभी नोडल अधिकारी 11 बजे से गांव में जाकर सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों के साथ गोष्ठी आयोजित कर खुले में शौच जाने से से होने वाली हानियों के बारे में जानकारी देंगे। गांव के लोगों को शौचालय बनाने के लिए प्रेरित करेंगे। कोई भी व्यक्ति खुले में शौच नहीं जाएगा। सभी लोग अपना शौचालय बना कर इस्तेमाल करें। उन्होंने कहा कि जिसके घर में अभी शौचालय नहीं बन सका है, वह खुरपी लेकर साथ जाए और शौच को ढक कर आएं। ताकि विभिन्न प्रकार की बीमारियां गांव में न फैल सके। उन्होंने कहा कि अध्यापक की जिम्मेदारी है कि जिस गांव के विद्यालय में वह पढ़ाने जा रहे हैं उस गांव को ओडीएफ कराएं। उन्होंने कहा कि जब तक समाज शिक्षित नहीं होगा, तब तक यह कुरीतियां दूर नहीं होंगी। सभी अभिभावक अपने बच्चे को स्कूल पढ़ने अवश्य भेजें। उन्होंने कहा कि विद्यालय में बच्चों को प्रार्थना के बाद संस्कार की बातों का बच्चों के माता-पिता से फोन कर अवगत कराएं। जिन विद्यार्थियों के माता-पिता अनपढ़ हैं बच्चे उनको पढ़ना लिखना सिखाएं। बच्चों को गुरु बनाया जाए जिससे उनमें आत्मविश्वास बढ़ सके। उन्होंने कहा कि सभी कुरीतियों को दूर करने के लिए सभी को शिक्षित ही होना पड़ेगा। इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी संदीप कुमार एवं खंड विकास अधिकारी देवेंद्र प्रताप सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।

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