बदायूँ: हम पटाखे न चलाकर मानव, जीव-जन्तु, पशु-पक्षी के लिए बनें स्वास्थ्य सुरक्षा कवच सद्चिंतन और सद्भाव से जले दीप, ज्ञान के प्रतीक: सुखपाल

उझानी (बदायंू): शांतिकुंज हरिद्वार के मार्गदर्शन में चल रहे मुहल्ला श्रीनारायणगंज स्थित प्रखर बाल संस्कारशाला के कैंप कार्यालय पर दीपोत्सव कार्यक्रम हुआ। बच्चों ने आकर्षक दीप सजाकर प्रज्ज्वलित किए। पटाखे न चलाने का संकल्प लिया। दीप सजाओं में भूमि और नेहा ने सर्वश्रेष्ठ स्थान पाया।
गायत्री परिवार के संजीव कुमार शर्मा ने कहा कि दीपावली का महापर्व नीति, श्रम और न्याय से धनोपार्जन करने, श्रेष्ठ कार्यों में लगाने, दीप से दीप जलाने, सहयोग की भावना के साथ बुराई का त्याग कर अच्छाई ग्रहण करने का संदेश देता है। श्री शर्मा ने कहा कि त्यौहारों, पर्वों और उत्सवों में हो रही आतिशबाजी ने वायु, ध्वनि और मृदा प्रदूषण किया है। पटाखों में मौजूद बेरियम नाइट्रेट, स्ट्रोंटियम, लिथियम, एंटीमोनी, सल्फर, पोटेशियम और एल्यूमिनियम रसायन तत्त्व फेफड़ों के कैंसर और अनेकों रोगों का कारण बन रहे हैं। रंग-बिरंगी रोशनी पैदा करने वाले बाइंडर्स, स्टेबलाइजर्स, आॅक्सीडाइजर, रिड्यूसिं एजेंट रसायनिक तत्त्व और भी खतरा पैदा कर रहे हैं। पटाखों के अवशेष भी धरती और पर्यावरण को प्रदूषित कर रहे हैं। हम पटाखे न चलाकर पृथ्वी रहने वाले मानव, जीव-जन्तु, पशु-पक्षी के लिए रक्षा कवच बनें।
सुखपाल शर्मा ने कहा कि दीप, ज्ञान के प्रतीक हैं। ज्ञान और प्रकाश के वातावरण में ईश्वर की विशेष अनुकंपा बरसती है। अज्ञान और अंधकार मिट जाता है। सद्चिंतन और सद्भाव से जले दीप शुभ दीपोत्सव है।
प्रतियोगिता की निर्णायक जगन्नाथ इंस्टीट्यूट आॅफ एजूकेशन ग्रेटर नोएडा की डाॅ. ईशा वाष्र्णेय, डाॅ. पवन कुमार मिश्रा, डाॅ. भावना जोशी, वैदिक विद्या मंदिर इंटर काॅलेज हरदोई की अल्का गुप्ता, कंपोजिट स्कूल आमगांव जगत की राष्ट्रपति पुरस्कार प्राप्त प्रधानाध्यापिका संगीता शर्मा, जिला संगठन कमिश्नर गाइड बदायंू की सीमा यादव, सुपर वाइजर न्यू हाॅलेंड नोएडा के मोहित कृष्ण वर्मा रहे।
दीप सजाओं प्रतियोगिता में जूनियर वर्ग में भूमि शर्मा प्रथम, अंशुमन द्वितीय, अद्भुत तृतीय, रौनक चतुर्थ और आयुषी पांचवे स्थान पर रहे। जबकि सीनियर में नेहा शर्मा प्रथम, दीप्ति शर्मा द्वितीय, कशिश तृतीय और कल्पना चैथे स्थान पर रहीं। स्थान पाने वाले बच्चों को सम्मानित किया गया। इस मौके पर रामनिवास शर्मा, रीना, आरती, सौम्या आदि मौजूद रहे। संचालन मृत्युंजय शर्मा ने किया।

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