बदायूँ: प्रसव के बाद चिकित्सालय में 24 घंटे रुकना जरूरी: डीएम

बदायूँ: राजकीय मेडीकल काॅलेज में नोवेल वायरस कोविड-19 की सेवाओं के अलावा अन्य चिकित्सीय सेवाओं की प्रारंभ हो चुकी हैं। अब डीएम के निर्देशानुसार मेडीकल काॅलेज अन्य प्रकार बीमारियों के मरीजों का उपचार भी दिया जाने लगा है।
शुक्रवार को कलेक्ट्रेट स्थित सभागार में जिलाधिकारी कुमार प्रशान्त ने मुख्य विकास अधिकारी निशा अनंत, मुख्य चिकित्साधिकारी डाॅ0 यशपाल सिंह व चिकित्सा विभाग के अधिकारियों एवं चिकित्सकों के साथ जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक आयोजित की। डीएम ने जननी सुरक्षा योजना अन्तर्गत लाभार्थियों और आशाओं का भुगतान लंवित होने पर नाराजगी व्यक्त करते हुए भुगतान जल्द कराने के निर्देश दिए हैं। प्रसव के बाद प्रसूताओं को कम से कम 24 घंटे चिकित्सालय में ही रोका जाए, उनकी खास देखभाल की जाए। गर्भवती महिलाओं की होने वाली जाचों को समय से किया जाए। गर्भवती महिलाओं का शतप्रतिशत पंजीकरण कराया जाए, साथ ही जननी सुरक्षा योजना के लाभ दिलाने हेतु बैंक खाता सहित अन्य सम्बंधित अभिलेख ले लिए जाएं। प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना का लाभ अधिक से अधिक लोगों को दिया जाए। डाटा फीडिंग में लापरवाही नही होना चाहिए। सरकारी चिकित्सालयों में भर्ती मरीजों को ठण्ड से बचाने हेतु विशेष प्रबंध किए जाएं, साथ उनके साथ आए तीमारदारों के लिए सर्दी को दृष्टिगत रखते हुए रात्रि में ठहरने के लिए रैन बसेरे आदि में उचित व्यवस्था की जाए। इस अलावा निजी नर्सिंग होम्स में भी तीमारदारों के ठहरने की उचित व्यवस्था रहे। डेंगू एवं मलेरिया के प्रभावित क्षेत्रों में स्वास्थ्य विभाग द्वारा कैम्प लगाकर जांच की जाती रहे। टीम निरंतर सक्रिय रहकर कार्य करती रहें, अधिकारी भ्रमणशील रहकर इनका निरीक्षण भी करते रहें। अपूर्ण तैयारी से बैठक में आने वाले एमओआईसी की डीएम ने फटकार लगाई। उन्होंने निर्देश दिए कि सभी एमओआईसी पूरी तैयारी के साथ बैठक में उपस्थित हों, बैठक में दर्शाने वाले डाटा को अपने रिकार्ड से बैठक से पूर्व मिलान कर लें। इस अवसर पर जिला पुरुष चिकित्सालय के सीएमएस डाॅ0 विजय बहादुर राम, जिला महिला चिकित्सालय की सीएमएस डाॅ0 रेखारानी सहित अन्य चिकित्सक मौजूद रहे।

Leave a Reply

Your email address will not be published.