बदायूँ: 90 के सापेक्ष 53 गांव हो चुके हैं कुपोषण मुक्त, शेष 37 गांवों को इस माह में पहनाया जाए अमलीजामा

बदायूँ : जनपद को जल्द से जल्द कुपोषण मुक्त करने के लिए समस्त अधिकारी युद्ध स्तर पर कार्य करें। प्रत्येक माह में सही डाटा ऑनलाइन फीड कराया जाए। कुपोषित बच्चों को जिला चिकित्सालय एनआरसी में भर्ती कराया जाए। गांवों में समय-समय पर आयरन की गोलियां वितरित होती रहें।
जिलाधिकारी दिनेश कुमार सिंह ने मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश सरकार की महत्वपूर्ण कार्यक्रम राज्य पोषण मिशन के अंतर्गत जिला स्तरीय पोषण समिति की बैठक आयोजित की। उन्होंने कहा कि जो 90 गांव कुपोषण से मुक्त करने के लिए चयनित किए गए हैं वह सभी गांव इस माह में कुपोषण मुक्त हो जाना चाहिए। कुपोषण मुक्त कार्यक्रम में लगे डॉक्टरों को निर्देश दिए कि एएनएम, सीडीपीओ आशा एवं आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों के माध्यम से गांवों तथा स्कूलों में गोलियां वितरित कराएं। उन्होंने डॉक्टरों को निर्देश दिए कि समस्त अस्पतालों में नवजात शिशुओं को एक घंटे के अंदर मां का स्तनपान कराना सुनिश्चित करें। यह बड़ा महत्वपूर्ण कार्य सभी विभाग युद्ध स्तर पर कार्य कर अंजाम दें। उन्होंने कहा कि सीडीपीओ की जिम्मेदारी है गांवों में समय-समय पर बैठक कराती रहें। नोडल अधिकारी गांव जाए तब सारी रिपोर्ट के साथ सीडीपीओ मौजूद मिले। सीडीपीओ प्रत्येक सप्ताह की सूचना अपने अपने क्षेत्र की ऑनलाइन दर्ज कराएं। डीएम ने निर्देश दिए कि जनपद में कुल 90 गांव इस योजना के अंतर्गत चयन किए गए थे, जिसमें से 53 कुपोषण मुक्त हो चुके हैं शेष 37 गांवों को इस माह में कुपोषण मुक्त कर लिए जाएं। उन्होंने सीडीपीओ को निर्देश दिए कि चयनित गांवों के अलावा अन्य गांवों पर कड़ी नजर रखी जाए कोई भी बच्चा कुपोषित न रहे। समस्त लाल श्रेणी के अतिकुपोषित कुपोषित बच्चे एनआरसी में भर्ती कराए जाएं। उन्होंने सीडीपीओ को निर्देश दिए कि कुपोषित बच्चों को दूध, फल आदि खाने पीने की वस्तुएं समय-समय वितरित करती रहे, जिससे बच्चे कुपोषण मुक्त होकर अपना सामान्य जीवन जी सके। इस अवसर पर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ नेमी चंद्रा, जिला विकास अधिकारी सेवाराम चौधरी एवं जिला कार्यक्रम अधिकारी भोलानाथ गंगावार सहित अन्य जिला स्तरीय अधिकारी मौजूद रहें।

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