वजीरगंज: शिक्षक की विदाई पर बच्चे विलख कर रोये 

बदायूँ/वजीरगंज: जहां एक ओर आसमान से बारिश की बूंदे धरती को भिगो रही थीं वहीं वहीं दूसरी ओर सैकड़ों आंखों से निकल रहे आंसू एक ऐसा शमां बांध रहे थे जिसको देखने वाला हर व्यक्ति गमगीन था।
एक ऐसा ही नजारा आज विकास क्षेत्र वजीरगंज के गांव गोठा में देखने को मिला।जहां के सरकारी स्कूल में आज सुबह से ही लोगों के आंसू थमने का नाम ही नही ले रहे थे। ये आंसू उनके किसी प्रियजन की विदाई में नही निकल रहे थे अपितु यहां कार्यरत रहे पूर्व माध्यमिक विद्यालय गोठा के शिक्षक डॉ मनोज कुमार वार्ष्णेय  के विद्यालय से जाने के गम में निकल रहे थे। जब से यहां के लोगों को पता चला कि शिक्षक मनोज वार्ष्णेय का चयन डॉयट प्रवक्ता के रूप में हो गया है उनको खुशी के साथ दुख का भी अहसास होने लगा।किसी तरह अपने आंसुओ को रोक रहे ग्रामीणों के आंसुओं का सैलाब तब फूट पड़ा जब विद्यालय से विदा होते समय बच्चे फफक फफक कर रोने लगे तथा शिक्षक से लिपटकर अपने गम का इजहार करने लगे।बच्चों को समझाते समझाते खुद शिक्षक मनोज कुमार वार्ष्णेय के आंसू छलक उठे। सपरिवार विद्यालय में आये शिक्षक की पत्नी ने जब गुरु शिष्य सम्बन्धों में प्रगाढ़ता देखी तो उनकी भी आँखों में आंसू छलक उठे। आज से पांच वर्ष पूर्व जब शिक्षक की नियुक्ति इस विद्यालय में हुई थी तो किसी ने भी नही सोंचा था कि कभी ऐसे पल भी आयेंगे जब शिक्षक की विदाई पर पूरा गांव रोने लगेगा।सबसे ज्यादा दुःख तो यहां की महिलाओं को हो रहा था क्योंकि शिक्षक किसी के लिये बेटा थे तो किसी के लिये भाई। शिक्षक को विदा करने ग्रामवासी घर तक पहुंच गए। नगर में जिसने भी ये नजारा देखा तो वह भी भाव विह्वल हो गये। इस अवसर पर नेत्रपाल सिंह चौहान, सुधा सिंह, न्याय पंचायत प्रभारी गजेंद्र सिंह,अरविंद कुमार, यवन कुमार, यशपाल सोलंकी,वेदपाल सिंह, शेषपाल सिंह, दीपेश वार्ष्णेय,रिंकेश वार्ष्णेय, सुखपाल शर्मा, महिला सभा वजीरगंज के समस्त पदाधिकारी व सैकड़ों अभिभावक व ग्रामवासी व प्रबंध समिति सदस्य मौजूद रहे।
 राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाई शिक्षक ने-
  यहां के सरकारी स्कूल की राष्ट्रीय स्तर पर अपनी अलग पहचान है। राष्ट्रीय बाल विज्ञान कांग्रेस के अन्तर्गत मार्गदर्शक शिक्षक के रूप में इन्ही शिक्षक ने अपनी मेहनत के दम पर यहां के छात्र शिवम साहू को राष्ट्रीय स्तर पर बालविज्ञानी सम्मान प्राप्त  कर सभी को चौंका दिया था।
 स्वच्छ विद्यालय पुरुस्कार में नामित हुआ है विद्यालय-
  इस वर्ष गोठा विद्यालय का चयन राष्ट्रीय स्तर स्वच्छ विद्यालय पुरुस्कार के लिये नामित हुआ है।जनपद से मात्र दो विद्यालयों को ये गौरव इस वर्ष मिला है।
  जल संरक्षण के लिये प्रदेश स्तर पर चयनित हुआ विद्यालय-
  इसी वर्ष इस विद्यालय को जल संरक्षण के लिये प्रदेश स्तर पर सम्मानित किया गया जहां स्वयं निदेशक राज्य अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद ने शिक्षक मनोज वार्ष्णेय को सम्मानित किया था।
  सामुदायिक सहभागिता के लिये आदर्श उदाहरण- 
 जहाँ परिषदीय विद्यालय अपनी दुर्दशा के लिये जाने जाते हैं वही  गोठा विद्यालय को सामुदायिक सहभागिता के लिये प्रदेश स्तर पर पहचान मिली है।शिक्षक मनोज कुमार के प्रयासों से विद्यालय में जैनरेटर, इन्वर्टर, सीसीटीवी कैमरे,बॉयोमेट्रिक मशीन,प्रोजेक्टर सहित विभिन्न संसाधन जुटाए गए हैं।
  निजी विद्यालयों से नाम कटाकर बच्चों ने लिया प्रवेश-
 शिक्षक मनोज कुमार वार्ष्णेय की लगन को देखते हुए बहुत से अभिभावकों ने अपने बच्चों के नाम कान्वेंट से कटाकर इस विद्यालय में प्रवेश दिलाये।हालात तो यहां तक पहुंच गए कि प्रवेश के लिये लोगों की सिफारिशें आनी लगीं।

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