सूचनाएं ना देने का नतीजा, CMO बदायूं पर सूचना आयोग ने ठोका 25 हजार का जुर्माना

 

बदायूं/उत्तर प्रदेश। जनपद में भ्रष्टाचार मुक्ति अभियान के सहसवान तहसील समन्वयक आर्येंद्र पाल सिंह ने सूचना के अधिकार का प्रयोग करते हुए दिनांक 02- 11- 2019 को सूचना प्राप्ति हेतु आवेदन किया। विहित अवधि में सुचनाएं उपलब्ध न कराने पर प्रथम अपील की गई। फिर भी सूचनाएं नही मिली। विवश होकर उत्तर प्रदेश सूचना आयोग लखनऊ में दिनांक 24- 02- 2020 को द्वितीय अपील संख्या- एस 2-423/ए/2020 प्रस्तुत की गई। अपील में सुनवाई हेतु नियत तिथियों 28- 10- 2020, 16- 12- 2020,27- 04- 2020,03- 08- 2022 व 09- 11- 2022 पर मुख्य चिकित्सा अधिकारी बदायूं व उनके जन सूचना अधिकारी आयोग के समक्ष उपस्थित नहीं हुए साथ ही आयोग द्वारा दिनांक 03- 08- 2022 को पारित आदेश का पालन करते हुए आयोग को दिनांक 02- 11- 2022 के बाद के सभी जन सूचना अधिकारियो का विवरण उपलब्ध नहीं कराया गया और न ही अपीलार्थी को सुचनाएं ही उपलब्ध कराई।

            वेतन से वसूली के आदेश।

मुख्य सूचना अधिकारी बदायूं की हठधर्मिता के कारण राज्य सूचना आयुक्त प्रमोद कुमार तिवारी द्वारा आदेश का पालन न करने, सुचनाएं उपलब्ध न कराने के कारण दिनांक 09- 11- 2022 को 25000/- रुपए अर्थदंड अधिरोपित किया है साथ ही निर्णय की तिथि को पदस्थ मुख्य चिकित्सा अधिकारी बदायूं के वेतन से अर्थ दंड की वसूली के आदेश निर्गत किए हैं।

उल्लेखनीय है कि मुख्य चिकित्सा अधिकारी बदायूं के कार्यालय में सूचना का अधिकार अधिनियम 2005 व उत्तर प्रदेश सूचना का अधिकार नियमावली 2015 का खुलेआम उल्लंघन किया जा रहा है। इस संबंध में इनके विरूद्ध शासन द्वारा भी जांच के आदेश निर्गत किए गए हैं।

समाचार। असद अहमद बदायूं उत्तर प्रदेश।