सोनभद्र: खनन पट्टों को निरस्त करने के आदेश जारी किए हैं इसके बावजूद जिला प्रशासन और कुछ सफेदपोश नेता मंत्रियों के कारण माननीय सर्वोच्च न्यायालय के इस निर्देश की अवहेलना करते हुए लगातार उस पर खनन कार्य कराया जा रहा है(मनोज सिंह राणा)

सोनभद्र एक प्राकृतिक संसाधनों से पूर्ण जिला होने के नाते यहां पर पत्थर उद्योग कोयला उद्योग बालू की पर्याप्त मात्रा होने की वजह से प्रदेश के ज्यादातर जिलों में यहीं से गिट्टी बालू के साथ-साथ कोयला पहुंचता है इसकी वजह से प्रदेश में सरकार के द्वारा बनाए जा रहे हैं सड़क मकान अन्य सरकारी बिल्डिंग के काम आते हैं पर वही लगातार शिकायत अवैध खनन की भी मिलती रहती है अवैध खान की वजह से सोनभद्र सबसे बदनाम जिला माना जाता है खनन माफिया इस कदर हावी हैं कि वह अधिकारी कर्मचारियों पर जानलेवा हमले करने से भी बाज नहीं आते वही इन खनन माफियाओं के द्वारा कुछ प्रशासनिक अधिकारियों और सफेदपोश नेताओं का एक करोड़ बना लिया गया है और इसको अब तोड़ पाना किसी भी सरकार के बस की बात नहीं रह गई अभी 2012 में समाजवादी पार्टी की सरकार में कुछ खनन पट्टे दिए गए जो की पूरी तरह से अवैध माने जा रहे हैं इसकी संतुष्टि सोनभद्र के अपर जिलाधिकारी योगेंद्र बहादुर ने भी की है किसानों को सरकार की तरफ से दिए गए खेती करने के लिए पट्टे की जमीनों को इन खनन माफिया और लेखपाल कानूनगो और खनन विभाग के कर्मचारियों की मिलीभगत से गलत ढंग से पेपर बना कर ओने पौने दामों पर खनन माफियाओं को भेज दिया गया और उस पर खनन पट्टे जारी कर दिए गए एक रिपोर्ट के मुताबिक जिले के डीएम ने जब सीलिंग की जमीनों की जांच की तो पाया कि 2012 के बाद के सभी पत्ते गलत ढंग से दिए गए और उन्होंने जिलाधिकारी राज्य लिंगम को लिखित तौर पर जांच करके कार्रवाई करने के लिए प्रेषित किया है ।

हालांकि सोनभद्र के अपर जिला अधिकारी योगेंद्र बहादुर ने बताया कि मैंने भी सीलिंग के जमीन पर इन खनन पट्टे की जांच की है और इन खनन पट्टों को अवैध पाया और तत्काल इसको बंद करने के निर्देश देते हुए जिला अधिकारी को अपनी जांच रिपोर्ट सौंपी है।

वही माननीय सर्वोच्च न्यायालय के द्वारा 2012 के सभी खनन पट्टों को निरस्त करने के आदेश जारी किए हैं इसके बावजूद जिला प्रशासन और कुछ सफेदपोश नेता मंत्रियों के कारण माननीय सर्वोच्च न्यायालय के इस निर्देश की अवहेलना करते हुए लगातार उस पर खनन कार्य कराया जा रहा है

वही हिंदू युवा वाहिनी के जिला कार्यकारिणी सदस्य शुभम सिंह पटेल ने लिखित रूप से शिकायत कर के मांग की है कि 2012 के खनन पट्टों पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाई जाए जब अपर जिलाधिकारी ने जांच करवा कर इन पट्टों को गलत पाया तो किसके इशारे पर खनन पट्टों को संचालित किया जा रहा है जबकि माननीय सर्वोच्च न्यायालय ने भी अपने आदेश में इन खनन पट्टों को निरस्त करने की अपील को स्वीकार किया है और उसमें जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं फिर भी लगातार खनन माफिया खनन विभाग राजस्व विभाग के मिलीभगत से लगातार लगभग 15 ऐसे खनन पढ़ते हैं उनको संचालित कर रही है हमारी हिंदू युवा वाहिनी लगातार इसकी शिकायत खनन विभाग जिला अधिकारी वह प्रमुख सचिव के यहां करती चली जा रही है पर जिला खनन विभाग अपने आंखों पर पट्टी बांधकर लगातार इस तरह के अवैध खनन में अपनी अहम भूमिका निभा रही है।

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