5 लाख रूपये तक के निःशुल्क उपचार में बारे में लाभार्थियों को अवश्य बतायें: डीएम

बदायूँ/उत्तर प्रदेश
बदायूँ : लाभाथियों को आयुष्मान शिविर तक न ला पाने की लापरवाही को देखते हुए डीएम ने आशाओं की कड़ी फटकार लगाई है। डीएम ने निर्देश दिए कि कोई भी लाभार्थी कार्ड से वंचित न रहे, प्रत्येक दशा में सभी लाभार्थियों का आयुष्मान कार्ड बने और वह इसका आवश्यकता पड़ने पर लाभ उठाएं।

जिलाधिकारी दीपा रंजन ने मुख्य विकास अधिकारी ऋषिराज, उप जिलाधिकारी सदर सुखलाल प्रसाद वर्मा, मुख्य चिकित्साधिकारी प्रदीप वाष्र्णेय व अन्य अधिकारियों के साथ शेखूपुर पहुंचकर चल रहे आयुष्मान कार्ड शिविर का औचक निरीक्षण किया। डीएम ने पाया कि आशाओं के पास लाभार्थियों की सूची होने के बावजूद भी शिविर में लाभार्थियों को नहीं ला रही हैं। इस लापरवाही के लिए डीएम ने निर्देश दिए कि इन आशाओं को नोटिस जारी किए जाएं। उन्होंने आशाओं की कड़ी फटकार लगाते हुए निर्देश दिए कि शतप्रतिशत लाभार्थियों के आयुष्मान भारत मिशन अन्तर्गत गोल्डन कार्ड बनाए जाएं।

कोई भी लाभार्थी छूटने न पाए। यदि लाभार्थी कार्ड बनवाने शिविर में न आए तो कोटेदार एवं ग्राम सचिव को उस तक लेकर जाएं, साथ ही उन्हें इसके अन्तर्गत आने वाली बीमारियों के इलाज व जहां इनका इलाज इस कार्ड से निःशुल्क हो सकेगा इससे सम्बंधित लाभ के बारे में बताया जाए। एनाउंस के माध्यम से लोगों को जागरुक किया जाए।

उन्होंने कहा कि अभी बहुत सारे लोग ऐसे हैं, जो कार्ड से वंचित रह गए हैं। जो लोग इस कार्ड की महत्वता नहीं समझते, इलाज के लिए जाते हैं, तो इसकी आवश्यकता पड़ती है, वह इस कार्ड की अहमियत को समझें। जिन लोगों का नाम सैक सूची में हैं या फिर निर्माण श्रमिक या अन्त्योदय कार्डधारक सहित लोग आयुष्मान भारत मिशन योजना के अन्तर्गत पात्र हैं।

पंचायत सहायकों को भी इसके लिए प्रशिक्षित किया गया है, वह भी कार्ड बना देते हैं। इसके अलावा जनसुविधा केन्द्रों से भी आयुष्मान कार्ड को प्राप्त किया जा सकता है। आयुष्मान भारत मिशन योजना के अन्तर्गत पात्र परिवार को 05 लाख रुपए की निःशुल्क चिकित्सकीय सुविधा प्रदान की जाती है, परिवार में मुखिया के अलावा सभी सदस्य भी इसके लिए पात्र हैं।

चीफ रिपोर्टर मुकेश मिश्रा