कोरिया: नीलम सरोमवर पार्क में करीब 45 लाख से आकर्षण के लिए बनाया गया म्यूजिकल फाउंटेन सवालों के घेरे में। (वेदप्रकाश तिवारी की रिपोर्ट)

कोरिया/चिरमिरी। वेस्ट चिरमिरी के नीलम सरोवर पार्क में करीब 45 लाख से आकर्षण के लिए बनाया गया म्यूजिकल फाउंटेन सवालों के घेरे में आ गया है। आरटीआई कार्यकर्ता राजकुमार मिश्रा के द्वारा म्यूजिकल फाउंटेन के निर्माण की संपूर्ण जानकारी आरटीआई के तहत मांगी गई थी। जिससे मिश्रा के द्वारा यह खुलासा किया गया कि निविदा में जिस प्रकार का म्यूजिकल फाउंटेन निर्माण करवाने के लिए निविदा प्रक्रिया पूर्ण कि गई है, ठीक वैसा ही एक कंपनी 22 लाख रुपए में पूरा कर सकती है।
गौरतलब यह है कि इसके निर्माण को लेकर शुरुआत से प्रश्न उठ रहें थे। म्यूजिकल फाउंटेन का पानी रिदम पर नहीं गिर रहा था, न हीं लाईटिंग मैच हो रही थी। गलत सिस्टम के कारण पूर्व आयुक्त बीएल सुरक्षित और बी आर चैहान के द्वारा निर्माणाधिन कंपनी के बिल का भुगतान नही किया गया। इन दोनों तात्कालिक आयुक्तों ने इस संबंध में बिल भुगतान करने पर सख्त पाबंदी लगा दी थी। चिरमिरी निगम के तात्कालिक इंजीनियर डीके शर्मा और दूसरे इंजीनियरों के द्वारा भी संतोषजनक कार्य नहीं होने के संबंध में नोट से लिखा गया था। नगर निगम के अधिकारियों के अनुसार बिल का भुगतान रुकने पर जांच के लिए पहंुचे अंबिकापुर से अधिकारी के द्वारा म्यूजिकल फाउंटेन को सही बताते हुए बिल का भुगतान करने का परिपत्र जारी किया गया था। रविवार की शाम नगर निगम की अनुमति पर आरटीआई कार्यकर्ता के द्वारा म्यूजिकल फाउंटेन का निरीक्षण आयुक्त खजांची कुम्हार, अभियंता एम एल साहू, विजय बधावन की उपस्थिति में किया गया।
निरीक्षण के दौरान यह पाया गया कि म्यूजिकल फाउंटेन के लिए लगे नोजल में जंग लग चुके है, जबकि निविदा के अनुसार नोजल ब्रास कैटेगरी का लगाना था। यदि ब्रास का होता किसी भी प्रकार का जंग नही आता। फाउंटेन का पानी रिदम पर नहीं गिर रहा था, न हीं इसकी लाईटिंग मैच हो रही थी। इससे जो मनोरंजन नगर वासियों को मिलना था, वह भी नही मिल रहा है। ऐसे में सवाल है कि घटिया निर्माण होने के उपरांत भी कंपनी को 45 लाख रुपए का भुगतान क्यों किया गया?

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