कोरिया: आर्य समाज चिरमिरी के प्रधान, संजय गिरि नियुक्त : (वेदप्रकाश तिवारी की रिपोर्ट)

कोरिया/चिरमिरी ।आर्य वीर दल छत्तीसगढ़ के उप संचालक एवम सरगुजा संभाग के चुनाव प्रभारी धरनीधरन आर्य नें क्षेत्र के सक्रिय युवा संजय गिरि को चिरमिरी आर्य समाज का प्रधान नियुक्त किया है। विदित हो कि संजय गिरि नें समूचे जिले में योग, आयुर्वेद व वैदिक संस्कारों की स्थापना के क्षेत्र में सराहनीय कार्य किया है। इस नई जिम्मेदारी पर खुशी जाहिर करते हुए श्री गिरि ने बताया कि एक ओर जहाँ समाज में भोगवादी आसुरी प्रवृत्ति एवम पशुत्व के संस्कार, रूढ़िवाद, जातिवाद व अन्धश्रद्धा के भाव से ग्रसित है, ऐसे में आर्य संस्कृति व विचार समाज के लिए संजीवनी के समान है और ऐसे आर्य समाज से जुड़ना हम सब के लिए गौरव का विषय है।
नवनियुक्त आर्य समाज प्रधान संजय गिरि नें बताया कि चिरमिरी आर्य समाज का अपना गौरवपूर्ण इतिहास रहा है। समूचे सरगुजा संभाग में सबसे प्रथम आर्य समाज का गठन चिरमिरी में आज से 73 वर्ष पूर्व 7 नवम्बर 1945 को भारत की आज़ादी के पहले हुआ था। उस समय आर्य समाज की स्थापना में विशेष योगदान देने वाले श्री इंद्र नाराय ण त्रिपाठी प्रधान, श्री राजनारायण सिंह मंत्री एवम बोधी सिंह, ध्रुव जी व हरि प्रसाद शास्त्री थे। 19 जनवरी 1967 में समाज नें एक भवन आर्य समाज मंदिर हेतु खरीदा। जहाँ प्रायः साप्ताहिक व पारिवारिक सत्संग होते रहते थे। सन 1965, 66 व 67 में वार्षिकोत्सव का भव्य आयोजन किया गया था । यहाँ आर्य समाज के प्रमुख श्रीमती यशोदा देवी धमतरी, स्वामी दिव्यानंद जी सरस्वती, सत्यभामा जी, हृदय प्रकाश जी, जोरावन सिंह जी व देवीदयाल जी आते रहे है। विशेष रूप से यहाँ स्वामी ब्रम्हानंद जी एवम दयाराम जी जैसे आर्य विद्वान आते रहे हैं जो कि क्षेत्र के लिए गौरव की बात है।श्री गिरि नें आर्य समाज से जुड़कर ऋषि दयानंद के विचारों को निष्ठा से आगे बढ़ाने की बात की है।

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