कोरिया: पुलिस द्वारा आचार संहिता के नाम पर जगह जगह वाहन रोक कर लोगों को परेशान करने की शिकायतें मिलना जारी । (वेद प्रकाश तिवारी की रिपोर्ट)

कोरिया: आचार संहिता लगने के बाद से ही जिला प्रशासन के साथ पुलिस प्रशासन भी अपने असली फार्म में आ जाता है। जहां पुलिस द्वारा आचार संहिता के नाम पर जगह जगह वाहन रोक कर लोगों को परेशान करने की शिकायतें मिल रही हैं ।बवहीं अब जिला कलेक्टर कार्यालय यह जिसे फिलहाल जिला निर्वाचन कार्यालय कह सकते हैं , के अंदर वाहन ले जाने में पूरी तरह पाबंदी लगा दी गयी है। अभी तक गेट पर तैनात पुलिस वाले केवल आई कार्ड धारियों को भी वाहन अंदर ले जाने दे रहे थे। लेकिन मंगलवार से अब केवल बड़े अफसरों व पुलिस वालों की ही गाड़ी अंदर जा पा रही है। बेहद करीबी सूत्रों ने बताया कि मंगलवार को कलेक्टर के स्टेनो सचिन गोयल जैसे ही अपने वाहन से गेट पर पहुंचे वहां तैनात पुलिस वालों ने उन्हें रोक लिया और वाहन खड़ा कर पैदल जाने को कहा जिस पर बिफरे स्टेनो ने अपना परिचय दिया बावजूद इसके पुलिस वालों ने उन्हें नहीं जाने दिया। बताया जाता है कि इसके बाद नाराज स्टेनो गोयल वहां से यह कहते हुए वापस लौट गए कि अब सीधे मैं 20 तारीख के बाद ही कलेक्टर ऑफिस आऊंगा। बताया जाता है कि इसके बाद जिला नाजिर मोहन राजवाड़े भी जैसे ही कलेक्टर कार्यालय के मेन गेट पर पहुंचे उन्हें भी पुलिस वालों ने रोक दिया। काफी हुज्जत बाजी के बढ़बअंदर किसी अधिकारी से फोन कराने के बाद ही मोहन राजवाड़े को कलेक्टर कार्यालय के अंदर जाने की वाहन समेत इजाजत दी गई। पुष्ट सूत्रों ने बताया कि इसके लिए निर्वाचन अधिकारी ने बकायदा फरमान ही जारी कर दिया है कि किसी को भी वाहन अंदर लाने ना दिया जाए। जिसके बाद से कलेक्ट्रेट में कार्यरत शासकीय कर्मचारियों में काफी रोष है, उनका कहना है मेन गेट से अंदर काफी पैदल चलना पड़ता है। इसके बाद जब कलेक्टर कार्यालय की पार्किंग से ही गाड़ी की चोरी हो जाती है, तो बाहर खड़े रहने पर इसकी गारंटी कौन लेगा। उल्लेखनीय है कि कलेक्टर कार्यालय में काम करने वाले कर्मचारियों को कई बार रात के 8:00 भी बज जाते हैं । बहरहाल पुलिस वालों की कार्यशैली से शासकीय कर्मचारियों में काफी रोष है।

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