बदायूँ: प्रार्थना के समय विद्यालय पहुँचकर डीएम ने बच्चों को पढ़ाया नैतिकता का पाठ।

बदायूँः  बच्चे हमेशा सत्य बोलना सीखे और स्वच्छ भारत मिशन अंतर्गत शौचालय का प्रयोग करें और पड़ोसियों को करने के लिए प्रेरित करें। विद्यालयों में प्रतिदिन प्रार्थना के बाद आधे घंटे स्वास्थ्य, शिक्षा, स्वच्छता और शिष्टाचार के संबंध में बच्चों को बताएं। स्वच्छता पर आधारित पेंटिंग प्रतियोगिता में सबसे अच्छी पेंटिंग करने वाले बच्चां को सम्मानित करें।  17 नवंबर को होने वाली भाषण प्रतियोगिता में बच्चे अपने माता-पिता अन्य बड़ों के साथ बैठकर चार पेज का निबंध लिखकर विद्यालय में सुनाएं। अच्छी पेंटिंग करने वाले एवं अच्छे निबंध लिखने वाले बच्चों को प्रधानाचार्य प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित करें।
शुक्रवार को जिलाधिकारी दिनेश कुमार सिंह ने प्रार्थना के समय हाफिज सिद्दीकी इस्लामिया इंटर कॉलेज बदायूं में पहुंचकर बच्चों को स्वास्थ्य, शिक्षा, स्वच्छता एवं शिष्टाचार का पाठ पढ़ाया। तत्पश्चात पूर्व माध्यमिक विद्यालय  गंगपुर पुख्ता में  भी बच्चों को साफ सफाई  गिनती पहाड़े  आदि  बातें बताई। उन्होंने कहा कि जनपद के समस्त विद्यालयों में पढ़ने वाले लगभग तीन लाख बच्चे हैं जब इन बच्चों को अच्छी शिक्षा एवं अच्छे संस्कार मिलेंगे तभी जनपद का भविष्य उज्जवल होगा। सभी बच्चे यह सुनिश्चित करें कि कोई भी व्यक्ति खुले में शौच करने न जाएं और न ही जाने दे। उन्होंने कहा कि बच्चे प्रतिदिन विद्यालय में अपने माता पिता के पैर छूकर पढ़ने आए और सभी बच्चे प्रॉपर सही तरीके से ड्रेस में ही आएं। उन्होंने कहा कि समस्त विद्यालयों में प्रतिदिन प्रार्थना के बाद आधा घंटा बच्चों को शिक्षा स्वच्छता एवं शिष्टाचार पर बताया जाए। अध्यापक ध्यान दे कि स्कूल में बताई गई बातों का बच्चे पालन करें। बच्चों को शिक्षा के साथ-साथ संस्कारिक शिक्षा भी आवश्यक है। स्वच्छता होगी तो मन भी स्वस्थ होगा और बच्चों को पढ़ने में भी मन लगेगा। उन्होंने कहा कि  प्रत्येक विद्यालय में प्रत्येक बच्चा स्वच्छता और शौचालय उपयोग के संबंध में एक पेंटिंग और ड्राइंग बनाएं और 17 नवंबर को प्रत्येक बच्चा अपने घर से दो पन्नों का भाषण निबंध घर में परिवार के सभी सदस्यों के साथ विचार-विमर्श करके लिखकर लाएगा और उसे जमा करेगा। प्रार्थना के समय कुछ बच्चों से उनके भाषणों के बारे में पूछा जाएगा और उनसे कहा जाएगा कि वह अपना भाषण अन्य बच्चों को पढ़कर सुनाएं । डीएम ने कहा कि 19 नवंबर को वर्ल्ड टॉयलेट डे के अवसर पर जिन बच्चों द्वारा अच्छी पेंटिंग ,अच्छा भाषण तैयार किया जाएगा उनको प्रधानाचार्य द्वारा सम्मानित किया जाए। शौचालय के उपयोग और स्वच्छता के संबंध में जागरूकता चारों ओर फैलनी है और सभी की सहभागिता होना अत्यावश्यक है। बिना सहभागिता के स्वच्छता और शौचालय का उपयोग करना सफल नहीं हो सकता है। उन्होंने सभी बच्चों को संकल्प दिलाया है कि वह स्वयं स्वच्छता बनाए रखेंगे और किसी को भी गंदगी न करने देंगे और न ही करेंगे।

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