बदायूँ: मेला ककोड़ा : देवी मंदिर से मेला पहुँची झण्डी, जिला पंचायत अध्यक्ष, डीएम,  एसपी सिटी ने  मेला  स्थल  पर  की  तैयारियों  की  समीक्षा

बदायूँ : पतित पावनी गंगा तट पर लगने वाले रूहेलखण्ड के मिनी कुम्भ के मेला ककोड़ा की विधि विधान से शुरूआत हो गई है। मेले में ककोड़ा देवी मंदिर से पूजन के बाद झण्डी स्थापना और हवन पूजन के साथ ही मेला औपचारिक रूप से शुरू हो गया है। मेला स्थल को खुले में शौच मुक्त बनाने हेतु विशेष प्रयास किए जा रहे हैं।
जिला पंचायत अध्यक्ष मधु चन्द्रा सहित जिलाधिकारी दिनेश कुमार सिंह,एसपी सिटी जितेन्द्र कुमार श्रीवास्तव ने शुक्रवार को गंगा तट पर पहुंचकर पूजा अर्चना करने के बाद गंगा पूजन कर मेले का शुभारम्भ किया। तत्पश्चात जिलाधिकारी, एसपी सिटी ने मेला स्थल पर तैयारियों की समीक्षा की। जिलाधिकारी ने मेले में मांस, मदिरा की बिक्री एवं उपभोग पर प्रतिबन्ध लगाने के निर्देश देते हुए पॉलीथिन और जुए पर रोक लगाने को कहा है। उन्होंने मेले को खुले में शौच से मुक्त रखने हेतु विशेष प्रयास करने की हिदायत दी है। उन्हांने श्रद्धालुओें के लिए बेहतर मनोरंजन की व्यवस्था कराने हेतु निर्देश दिए और कहा कि मेले में साफ सफाई पर विशेष ध्यान दिया जाए। सरकारी विभागों द्वारा मेले में विकास प्रदर्शनी भी लगाई जाएंगी। पेयजल तथा प्रकाश व्यवस्था जिला पंचायत द्वारा कराई जा रही है। जिलाधिकारी ने श्रद्धालुओं की सुविधार्थ यातायात व्यवस्था बेहतर बनाए रखने हेतु एआरटीओ तथा सहायक क्षेत्रीय प्रबन्धक रोडवेज को हिदायत दी है कि पर्याप्त संख्या में रोडवेज तथा प्राईवेट बसों की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। मेले में 500 अस्थाई शौचालय, आठ मोबाइल शौचालय तथा 300 हैण्डपम्प लगाए जाएंगे। उन्होंने कहा कि स्नानघाट पर महिलाओं के कपड़े बदलने हेतु कम्पार्टमेंट भी बनाए जा रहे हैं। डीएम ने कहा कि मेले में लगने वाले झूले, चरख आदि को लगाने की अनुमति पंचायत विभाग द्वारा देते समय यह सुनिश्चित कर लिया जाए कि झूले एवं चरख आदि के कारण कोई भी अप्रिय स्थिति उत्पन्न होती है तो सम्बंधित झूला या चरख स्वामी ही जिम्मेदार होंगे। डीएम ने यह भी निर्देश दिए हैं कि मेले में अश्लीलता से सम्बंधित कार्यक्रम आयोजित नहीं किए जाएंगे और गत वर्ष के सापेक्ष अधिक पुलिस बल भी लगाया जाएगा। इस वर्ष श्रद्धालुओं को वाहन पार्किंग स्थल से मेला स्थल तक लाने एवं ले जाने के लिए एक विशेष निःशुल्क बस भी चलाई जाएगी। पार्किंग स्थल के अलावा किसी अन्य स्थल पर गाड़ी खड़ी करने पर क्रेन द्वारा गाड़ी उठा ली जाएगी, इस कार्य के लिए तीन क्रेने लगाई गई हैं। 22 नवम्बर को मेला उद्घाटन के पश्चात विभिन्न प्रकार की प्रतियोगिताओं का आयोजन भी किया जाएगा, जिसमें कबड्डी, बॉलीबाल, कुश्ती, अधिकारियों की दौड़, बड़ी मूछ प्रतियोगिता विशेषकर सम्मिलित रहेंगी। मेले में आठ स्टालों के माध्यम से दो लीटर मिट्टी का तेल 28 रुपए प्रतिलीटर दिया जाएगा और इन्ही स्टालों पर दूध की व्यवस्था भी रहेगी। उन्होंने कहा कि उनका प्रयास है कि गत वर्षां के सापेक्ष इस वर्ष मेला अधिक अच्छा हो और ज्यादा से ज्यादा संख्या में लोग मेले में आएं।

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