बदायूँ: सूचना कार्यकर्त्ताओं की तहसील स्तरीय बैठक सम्पन्न/शिक्षा और स्वास्थ्य को निजी क्षेत्र से मुक्त कराने को चलेगा देशव्यापी अभियान/सूचना के अधिकार को शस्त्र बनाकर भ्रष्टाचार के विरुद्ध निरन्तर लड़ रहे हैं सूचना कार्यकर्त्ता।

भ्रष्टाचार मुक्ति अभियान के तत्वावधान में जनपद बदायूं को देश का प्रथम भ्रष्टाचार मुक्त जनपद बनाने हेतु जनोपयोगी कानूनों सूचना का अधिकार, जनहित गारंटी कानून,नियम 24  को प्रभावी बनाने तथा चिकित्सा व सहकारिता एवं ग्राम विकास से जुड़े विभागों में व्याप्त भ्रष्टाचार के विरुद्ध रणनीति बनाने हेतु बिसौली तहसील के सूचना कार्यकर्त्ताओं की एक बैठक तहसील मुख्यालय पर कैप्टन राम सिंह यादव की अध्यक्षता में आयोजित की गई।
बैठक की शुरुआत राष्ट्र राग के कीर्तन के साथ हुई तदन्तर सह जिला समन्वयक एम एच कादरी द्वारा ध्येय गीत प्रस्तुत किया गया। बिसौली तहसील अन्तर्गत तहसील व ब्लाक वजीरगंज, आसफपुर व बिसौली की इकाईयों का गठन किया गया।
इस अवसर पर विचार व्यक्त करते हुए भ्रष्टाचार मुक्ति अभियान के मुख्य प्रवर्तक हरि प्रताप सिंह राठोड़ एडवोकेट ने कहा कि जनपद बदायूं में भ्रष्टाचार चरम पर है, सरकारी कार्यालयों में बिना रिश्वत के कोई कार्य नहीं होते हैं,आम नागरिकों को रिश्वत देने को विवश किया जाता है। परिणामस्वरूप सरकारी अधिकारियों व कर्मचारियों की चल व अचल परिसम्पतियो में भारी वृद्धि हो रही है। वर्ष 2020 में ग्राम विकास से जुड़े विभागों में व्याप्त भ्रष्टाचार के विरुद्ध सन्घर्ष किया जायेगा। प्रधानमंत्री स्मार्ट विलेज बनाने की योजना पर कार्य कर रहे हैं किन्तु ग्राम विकास के लिए जिम्मेदार तन्त्र को निष्प्रभावी कर दिया गया है ताकि घोटाले किए जा सकें। ग्राम पंचायतों में कार्यालय नहीं है, कार्मिक नहीं है, आवश्यक अभिलेख नहीं है, विकास कार्यों का विवरण सार्वजनिक नहीं किया जाता है, जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अपात्रों को प्रदान किया जा रहा है। जनसुनवाई पोर्टल बाबुओं के हवाले हैं, जन शिकायतों को गंभीरता से नहीं लिया जाता है,मिथ्या आख्या दे दी जाती है। वर्ष 2020 में शिक्षा और स्वास्थ्य विभाग को निजी हाथों से मुक्त कराने हेतु देशव्यापी आंदोलन छेड़ा जाएगा।
अभियान के मन्डल समन्वयक शमसुल हसन ने कहा कि  सूचना के अधिकार को हतोत्साहित किया जा रहा है। सूचना अधिकार अधिनियम 2005 की धारा चार का भी पालन नहीं किया गया है। जनहित गारंटी कानून निष्प्रभावी है। रोजगार परक योजना मनरेगा द्वारा कागजों में रोजगार दिया जा रहा है। मनरेगा शिकायत निवारण तंत्र भी विफल है। कार्यकर्ता सूचना के अधिकार का प्रयोग करके इन विभागों में भ्रष्टाचार को सार्वजनिक करेंगे।साथ ही भ्रष्ट तत्वों के विरूद्ध अभियोग पंजीकृत कराये जायेंगे।
कार्यक्रम में प्रमुख रूप से अभियान के मुख्य सहयोगी डॉ राम रतन सिंह पटेल, जिला समन्वयक रामगोपाल,सह जिला समन्वयक एम एच कादरी,ब्लाक समन्वयक इस्लामनगर विपिन कुमार सिंह, देवेश शन्खधार,नन्दराम, शशिकांत शर्मा,गौरव कुमार, राहुल शाक्य,रिन्कू शाक्य एडवोकेट, जीशान सिद्दीकी,मो नसरुद्दीन,नन्दकिशोर,रामतीर्थ, इकरार खान,रामबाबू,पिन्टू,बलराम सिंह, अरविंद कुमार, रामप्रकाश सिंह, शिरीष कुमार, दुर्गेश कुमार आदि उपस्थित रहे।
बैठक का संचालन अभियान के मुख्य सहयोगी वेदपाल सिंह कठेरिया ने किया ।अन्त में तहसील समन्वयक सी एल वर्मा एडवोकेट ने सभी का आभार व्यक्त किया।

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