बदायूँ: कृषि रक्षा अधिकारी ने किसानों को दी महत्वपूर्ण जानकारी

बदायूँ :  जिला कृषि रक्षा अधिकारी विनोद ने किसानों के लिए जानकारी देते हुए बताया कि रबी में उगाई जाने वाली फसलों में खरपतवार एवं कीट/रोग के प्रकोप के फलस्वरूप उत्पादन प्रभावित होता है।यह आवश्यक है कि खरपतवार एवं कीट/रोग के प्रकोप की स्थिति में तत्काल उनकी रोक-थाम के उपाय अपनाये जायें। रबी फसलों के प्रमुख खरपतवार/ कीट रोगों के नियंत्रण के उपाय निम्नवत् हैं।
1-भूमि शोधन/बीजशोधनः-फसलों की बुवाई से पूर्व भूमि जनित रोगों/कीटों से बचाव हेतु यह अति आवश्यक है,क्योंकि फसलों में विभिन्न प्रकार की भविष्य में होने वाली बीमारियों से फसल को बचाया जा सकता है। भूमिशोधन के लिए ट्ाइकोडरमा 2.5 किग्रा0 प्रति हैक्टेयर गोबर की नमीयुक्त सड़ी हुई 75 किग्रा0 खाद में मिलाकर 8 से 10 दिनों के लिए जूट से ढककर रख दें तदोपरान्त जुताई के समय नमी की अवस्था में खेत में मिला दें। इसी प्रकार यदि खेत में दीमक, सफेद गिडार का प्रकोप होने की स्थिति में बबेरिया बेसियाना का  2.5 किग्रा0 प्रति हैक्टेयर प्रयोग करें एवं बीजशोधन कार्बण्डाजिम 50 प्रतिशत की 2 ग्राम मात्रा प्रति किग्रा0,थीरम 75 प्रतिशत डब्लू0 एस0 की 2.5 ग्राम मात्रा प्रति किग्रा0 तथा ट्ाइकोडरमा की 4 से 5 ग्राम मात्रा प्रति किग्रा0 की दर से करें।
2-खरपतवार नियंत्रणः- गेंहॅूं की फसल में चौडी पत्ती वाले जैसे बथुआ आदि खरपतवारों के नियंत्रण हेतु  2-4 डी0 सोडियम साल्ट 80 प्रतिशत की 625 ग्राम मात्रा 600 से 700 लीटर पानी में मिलाकर प्रति हैक्टेयर छिडकाव करें एवं सकरी पत्ती वाले जैसे गेहॅूंसा एवं जंगली जई के नियंत्रण हेतु सल्फोसल्फ्यूरान 75 प्रतिशत डब्लू जी0 की 33 ग्राम मात्रा 500 से 600 लीटर पानी में मिलाकर पहली सिचाई के बाद 25 से 30 दिनों की फसल होने पर छिडकाव करें अथवा सकरी एवं चौडे पत्तां वाले खरपतवारों के नियंत्रण हेतु सल्फोसल्फ्यूरान 75 प्रतिशत़$मेट सल्फ्यूरान 40 ग्राम प्रति हैक्टेयर उपरोक्तानुसार पानी के साथ प्रयोग करें।
          इसके अतिरिक्त कीट/रोगों से सम्बंधित समस्याओं की जानकारी सहभागी फसल निगरानी एवं निदान प्रणाली के अन्तर्गत अपना पंजीकरण नम्बर अथवा अपना नाम,ग्राम का नाम,विकास खण्ड का नाम एवं जनपद का नाम लिखते हुए मोबाइल नंम्बर 9452257111 व 9452247111पर एस0एम0एस0/व्हाटसैप द्वारा भी प्राप्त कर सकते हैं।

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