बदायूँ: जन्म के एक घंटे के भीतर बच्चे को स्तनपान कराएं माँ : डीएम/प्राइवेट अस्पतालों की एजेंट बनी आशाओं के लिए खुफिया टीम तैयार

बदायूँ :  ऐसी आशाएं जो अपने कार्य को महत्व न देकर बल्कि प्राइवेट अस्पतालों में एजेन्ट का काम कर रही हैं, गरीब व्यक्ति का बेवजह 20-25 हजार रुपया प्राइवेट अस्पतालों में उठवा रही हैं। ऐसी आशाओं के पीछे खुफिया टीम उनकी गतिविधियों पर नज़र रखेगी। वह इस प्रकार की गतिविधियों में लिप्त पाए जाने पर उनके खिलाफ कठोरतम कार्यवाही की जाएगी। ऐसी आशाएं पूरे आशा समाज को बदनाम कर रही हैं। डीएम ने स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों को व्यवस्थाओं में सुधार लाने की नसीहत दी है।
गुरुवार को राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन अन्तर्गत आशा सम्मेलन का आयोजन बदायूँ क्लब बदायूँ में हुआ। कार्यक्रम में जनपद की लगभग 1200 आशाओं ने प्रतिभाग किया। आशाओं और आशा संगनियों को सम्बोधित करते हुए जिलाधिकारी दिनेश कुमार सिंह ने कहा कि आशा गर्भवती महिलाओं का खाता खुलवाएं। आशा लिस्ट बनाएं जिनमें गर्भवती महिलाओं के नाम के साथ उनका मोबाइल व आधार नम्बर भी अंकित करें। गर्भवती महिलाओें के टीको एवं मार्गदर्शन के लिए आशाओं की ड्यूटी निर्धारित है। आशाओं की जिम्मेदारी हैं कि वह ज़रूर देखें कि गर्भवती महिलाओं को कौन-कौनसी सुविधाएं कहां-कहां से उपलब्ध कराई जा सकती हैं। जैसे कि 90 दिनों तक निर्माण कार्य में श्रमिक के रूप में कार्य करने वाले व्यक्ति के यहां पुत्र के जन्म लेने पर 12 हजार रुपए एवं पुत्री के जन्म लेने पर 15 हजार रुपए सरकार की ओर से दिए जाने का प्रावधान हैं, यह रुपया उनको अवश्य दिलवाएं एवं सरकारी योजनाओं की जानकारी भी गर्भवती महिलाओं को दें। साप्ताहिक बैठक में आदेशों की भी जानकारी दें। गर्भवती महिलाओं को बताएं कि डिलीवरी होने के एक घंटे के भीतर बच्चे को माँ दूध अवश्य पिलाया जाए और छह माह तक सिर्फ माँ का दूध ही पिलाना चाहिए। गांव में ग्राम प्रधान, रोजगार सेवक, सफाई कर्मचारी, आंगनबाड़ी, शिक्षकों आदि लोगों की सरकारी टीम बनी हुई है आशा उनके साथ प्रातः 6 बजे से 7 बजे तक उनके साथ कंधे से कंधा मिलाकर स्वच्छ भारत अभियान में सहयोग कर अग्रणीय भूमिका निभाएं तथा गांव में किसी प्रकार की बीमारी फैलने की जानकारी भी तुरन्त उपलब्ध कराए। कार्यक्रम की विशिष्ठ अथिति महिला मोर्चा की क्षेत्रीय उपाध्यक्ष पूनम गुप्ता ने कहा कि आशाआें की वजह से देश में हो रही मातृ व शिशु मृत्यु दर पर रोक लगाई जा रही है व देश की बढ़ती हुई आबादी पर अंकुश लगाने हेतु पुरुष नसबंदी पर भी ध्यान केंद्रित करवाएं। गर्भवती महिला के खान-पान के बारे में ध्यान केंद्रित करवाएं। बच्चें के जन्म के बाद एक घंटे के भीतर शिशु को माँ का दूध अवश्य पिलवाए। छह माह तक शिशु को माँ के दूध के अलवा कुछ न दें।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने कहा कि लोगों को अपडेट स्वास्थ्य सुविधाओं को जनजन तक पहुँचाने लिए अन्य विभागों के प्रभावशाली व्यक्तियों से भी सहयोग लें, जिससे जनमानस को स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ मिल सके तथा मातृ व शिशु मृत्यु दर एवं सकल प्रजनन दर को कम किया जा सके। प्रत्येक ब्लाक की तीन आशाओं को पुरस्कार प्रदान किए गए, जिसमें प्रथम पुरस्कार की धनराशि पांच हजार रुपए, द्वितीय पुरस्कार की धनराशि दो हजार रुपए तथा तृतीय पुरस्कार की धनराशि एक हजार रुपए के प्रशस्ति पत्र आशाओं को प्रदान किए गए। जनपद से तीन सर्वश्रेष्ठ आशा संगनी को भी पुरस्कृत किया गया, जिन्हे प्रथम पुस्कार के रूप में पांच हजार रुपए, द्वितीय को तीन हजार एवं तृतीय को दो हजार रुपए के प्रशस्ति पत्र प्रदान किए गए। इसके अलावा सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत करने वाली आशाओं को भी सम्मानित किया गया। डीएम ने आशाओं को स्वास्थ्य सुविधाओं में सहयोग करने का संकल्प भी दिलाया। इस अवसर पर डीआईओएस राममूरत, बीएसए रामपाल सिंह राजपूत, जिला प्रतिरक्षण अधिकारी, डीसीपीएम अरविन्द कुमार राना, जिला कार्यक्रम प्रबंधक, जिला स्वास्थ्य शिक्षा सूचना अधिकारी सुधा सोलंकी, भाजपा के नगर अध्यक्ष मुनीश अग्रवाल सहित अन्य जिला स्तरीय अधिकारी एवं कर्मचारीगण मौजूद रहे।

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