बगरैन में फर्जी डॉक्टरों द्वारा मरीजों के जीवन से खिलवाड़। (राशिद खान की रिपोर्ट) )

बदायूँ/बगरैन: कस्बा में जगह-जगह बिना रजिस्ट्रेशन वाले 10से 15 डॉक्टर क्लीनिक चला रहे हैं। इतना ही नहीं क्लीनिकों के नाम बड़े शहरों के क्लीनिकों की तर्ज पर रखते है, जिससे लोग आसानी से प्रभावित हो जाते है। मरीज अच्छा डॉक्टर समझकर इलाज करवाते हैं, लेकिन उन्हें इस बात का पता नहीं रहता है कि उनका इलाज भगवान भरोसे किया जा रहा है।
मरीजों को लुभाने के लिए बड़े डॉक्टरों की तर्ज पर जांच करवाते हैं और जांच के आधार पर मरीज का इलाज करते हैं, जिससे मरीज को लगे कि डॉक्टर सही हैं एवं उनका इलाज सही तरीके से किया जा रहा है। फर्जी डाक्टरों ने इस धंधे को और लाभदायक बनाने के लिए बरेली ,वदायू के कुछ निजी अस्पतालों से भी सांठगांठ कर रखी है। मरीज की हालत ज्यादा गंभीर होने पर वदायू वरेली भेज देते हैं, जहां से उन्हें कमीशन के तौर पर फायदा होता है। फर्जी डॉक्टरों ग्रामीण क्षेत्रों मुडिया ,वरीपुरा सैडौली ,पेपल ,आदि गांव में भी धंधा फल-फूल रहा है। फर्जी डॉक्टर वहीं दवा लिखते है जिनमें उन्हें कमीशन मिलता है। अक्सर ऐसे मामले देखने को मिलते है कि फर्जी डॉक्टरों के इलाज से मरीज की जान पर आफत आ जाती है । स्वास्थ्य विभाग एवं प्रशासन को इनकी भनक तक नहीं है या शायद जान बूझ कोई कार्यवाही नही करते है कि क्षेत्र में फर्जी डॉक्टरों द्वारा कितने बिना पंजीकरण के क्लीनिक संचालित किए जा रहे हैं। यहां तक कि वगरैन मे एक डाक्टर विना आक्सीजन के आपरेशन भी कर देता है कई वार झोला छाप डाक्टरो का मामला पुलिस तक गया लेकिन पुलिस ने मरीज और डाक्टरो का समझौता करा कर इतिश्री कर ली यदि मरीज पर 10 रुपये कम पड जाये तो दवा नही दी जाती है यदि शीघ्र ही फर्जी डॉक्टरों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई तो इनकी संख्या बड़ी तादाद में बढ़ जाएगी और मरीजों की जिंदगी के साथ खिलवाड़ होता रहेगा। स्वास्थ्य विभाग एवं प्रशासन को उचित कार्रवाई करनी चाहिए

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