बिल्सी : तहसील क्षेत्र के ग्राम गुधनी में स्थित आर्य समाज मंदिर में आज विशेष सत्संग का आयोजन किसान दिवस के मौके पर किया गया। (नईम अब्बासी की रिपोर्ट)

 बिल्सी : तहसील क्षेत्र के ग्राम गुधनी में स्थित आर्य समाज मंदिर में आज विशेष सत्संग का आयोजन किसान दिवस के मौके पर किया गया। इस अवसर पर पर्यावरण की शुद्धि व विश्व शांति की कामना के साथ यज्ञ किया गया । खातिलब्ध वैदिक विद्वान आचार्य संजीव रूप ने कहा कि आज स्वामी श्रद्धानंद सरस्वती का बलिदान दिवस भी है और किसान दिवस भी है , आर्य समाज के संत स्वामी श्रद्धानंद सरस्वती जिन्होंने गुरुकुल कांगड़ी हरिद्वार की स्थापना की तथा समाज में फैली कुरीतियों को कुनीतियों को दूर करने का प्रयास किया ,शुद्धि आंदोलन चलाया और राष्ट्रहित में सर्वस्व अर्पित करने को तैयार रहें उन्हें कुछ मतांध लोगों ने गोली मारकर आज के दिन उनको शहीद कर दिया ।
उन्होंने कहा कि किसान का जीवन त्याग और तप से युक्त होता है , किसान अपने पसीने को बाहर अन्न पैदा करता है लेकिन दुर्भाग्य की बात यह है कि आज भी भारत में किसान को सम्मान प्राप्त नहीं हुआ है । किसान को यद्यपि राजा कहा जाता है किंतु राजा कुछ ही दिनों का होता है। दुष्ट राजनीति के चलते किसान मजबूर है ! किसान के कर्ज को माफ कर देने से किसान की समस्या हल होने वाली नहीं है, किसान को मूलभूत समस्याओं का समाधान चाहिए , उसको सिंचाई के ,फसल की सुरक्षा के तथा फसल की उपज के सही मूल्य के लिए उपाय चाहिए । सरकार को सोचना चाहिए और व्यवस्था करनी चाहिए । इस अवसर पर आर्य संस्कारशाला के बच्चों व शिक्षिका श्रीमती प्रज्ञा आर्य ने भजन गाए । सभा में राकेश आर्य, सोमपाल सिंह मास्टर साहब सिहं, विचित्र पाल सिंह, प्रेमवीर सिंह ,बद्री प्रसाद आर्य, श्रीमती मिथिलेश कुमारी श्रीमती संतोष रानी , श्रीमती रामबेटी देवी ,मोना, तानिया भावना ,यीशु प्रशांत आर्य आदि मौजूद रहे।

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