बदायूँ: बेसिक शिक्षा विभाग के तत्वधान में बाल श्रम उन्मूलन हेतु कामकाजी बच्चों को शिक्षा से जोड़ने व श्रमिक बच्चों को चिन्हित करके उनके बाल अधिकार उन्हें प्रदान करने के लिये शहरी वार्डो के प्रभावशाली व्यक्तियों, वालिन्टयर्स विद्यालय प्रबन्ध समिति के सदस्यों की एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया।

बदायूँ: नगर संसाधन केन्द्र बदायूँ पर यूनिसेफ/श्रम प्रर्वतन विभाग एवं बेसिक शिक्षा विभाग के तत्वधान में बाल श्रम उन्मूलन हेतु कामकाजी बच्चों को शिक्षा से जोड़ने व श्रमिक बच्चों को चिन्हित करके उनके बाल अधिकार उन्हें प्रदान करने के लिये शहरी वार्डो के प्रभावशाली व्यक्तियों, वालिन्टयर्स विद्यालय प्रबन्ध समिति के सदस्यों की एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। प्रतिभागियों को संबोधित करते हुये ज़िला बेसिक शिक्षा अधिकारी रामपाल सिंह राजपूत ने कहा कि बालश्रम एक अपराध है और बच्चों के बाल अधिकारों का हनन है, शासन के द्वारा विद्यालयों में नामांकन कराने बाले बच्चों सभी प्रकार की सुविधायें प्रदान की जा रही हैं अतः सभी माता-पिता, अभिभावक बच्चों के उज्जवल भविष्य हेतु अपने बच्चों का परिषदीय विद्यालयों में नामांकन अवश्य करायें। ज़िला श्रम प्रर्वतन अधिकारी विजेन्द्र कुमार यादव ने कहा कि श्रम विभाग में चालीस प्रकार के श्रमिकों का पंजीकरण कराया जा सकता है व पंजीकृत श्रमिकों को शासन द्वारा सत्रह प्रकार की योजनायें प्रदान की जा रही हैं। यूनीसेफ के तकनीकी सहायक मो0 मेहरबान अली ने नया सवेरा योजना के अतंर्गत चल रहे प्रोग्राम ड्राॅप आउट, लेफ्ट आउट बच्चों तथा चाइल्ड लेवर कर रहे बच्चों को शिक्षा की मुख्य धारा से जोड़ने के बारे में विस्तार से बताया। चाइल्ड हेल्पलाइन के ज़िला कोआॅडिनेटर मो0 इमरान ने हेल्पलाइन नं0 1098 के बारे मंे विस्तार से बताया। कार्यशाला का संचालन यू0ई0आर0सी0 सरवर अली ने किया। कार्यक्रम में राजेश मौर्य, फिरोज सकलैनी, शारिक हुसैन, बसीम, हसन आरजू, इशाक, हासिम आदि का सराहनीय सहयोग रहा।

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